लखनऊ। रोडवेज बसों में भी अब सिटी बसों की ही तरह स्मार्ट एमएसटी कार्ड बनेंगे। इससे यात्रियों, खासतौर पर छात्र-छात्राओं का सफर आसान हो सकेगा। वह आसानी से कार्ड रिचार्ज कर किफायती यात्रा कर सकेंगे। परिवहन राज्यमंत्री दयाशंकर सिंह ने बुधवार को परिवहन निगम मुख्यालय पर आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान इस सुविधा का शुभारंभ किया। उन्होंने महाकुंभ सहित निगम की उपलब्धियां भी गिनाईं। इस मौके पर प्रबंध निदेशक मासूम अली सरवर के साथ ही कई आला अफसर मौजूद रहे।
परिवहन निगम ने आम यात्रियों व छात्रों के लिए अलग-अलग एमएसटी कार्ड जारी किए हैं। छात्र मंथली सीजनल टिकट(एमएसटी) कार्ड पर 25 यात्राओं का किराया लिया जाएगा। इस पर अधिकतम 60 किमी की दूरी तय की जा सकेगी। महीने में सिर्फ 60 यात्राओं की ही अनुमति होगी। छात्र पहचान पत्र साथ में रखना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त सामान्य एमएसटी में 36 यात्राओं का किराया लिया जाएगा, जिस पर अधिकतम 100 किमी की यात्रा की जा सकेगी। एमएसटी जारी करवाने पर 50 रुपये जमा कराए जाएंगे। एमएसटी से सामान्य यात्राओं की तुलना में करीब 40 फीसदी तक की बचत होगी। इसको किसी भी बस स्टेशन व रिचार्ज करवाया जा सकेगा।
g उपलब्धियां भी गिनाईं : परिवहन राज्यमंत्री ने बताया कि बजट में निगम को 700 करोड़ रुपये मिले हैं। 150 करोड़ से बस स्टेशनों और डिपो को आधुनिक बनाया जाएगा। 400 करोड़ से बसों का बेड़ा अपग्रेड होगा। सौ करोड़ से मुख्यमंत्री ग्राम जोड़ो योजना के तहत इलेक्ट्रिक बसों की खरीदारी की जाएगी। 50 करोड़ रुपये से चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके पहले भी परिवहन निगम को वित्तीय सहयोग दिया जा चुका है। महाकुंभ मेला के दौरान 8500 बसों का संचालन किया गया। प्रयागराज नगर में 500 बसें चलाई गईं।
g महिला चालकों को मिलेगा प्रशिक्षण : परिवहन राज्यमंत्री ने बताया कि यूपी ग्रामीण आजिविका मिशन के साथ एमओयू कर महिला चालकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए निःशुल्क यात्रा की तैयारी है। निर्भया फंड के अंतर्गत 50 पिंक सेवाएं चलाई गईं। प्रदेश के 50 प्रमुख बस स्टेशनों पर शिशु देखभाल कक्ष बनाया तथा कौशल विकास मिशन के संयुक्त प्रयास से 17 महिला चालकों को प्रशिक्षण देकर बस संचालन में लगाया गया। महिला परिचालकों की भी नियुक्ति की गई।