लखनऊ। पुश्तैनी जमीन बेचने से इन्कार करने पर मां की हत्या कर शव को छिपाने के आरोपी सिया राम को दोषी ठहराकर एडीजे प्रभा नाथ त्रिपाठी ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उन्होंने दोषी पर 35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
कोर्ट में सरकारी वकील ने बताया कि सियारा की बहन सुखराना ने मोहनलालगंज थाने में 29 मई 2021 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके मुताबिक उसके घर आए भाई ने बताया कि मां महाराजा की तबीयत खराब है। इस पर सुखराना पति राजाराम और उसके साथ मोहनलालगंज स्थित मायके आई। वहां पहुंचकर देखा कि घर में खून फैला था और मां के सिर के बाल पड़े हुए थे। पास में खून से सनी ईंट पड़ी थी।
सुखराना ने सिया राम से मां के बारे में पूछा तो वह भाग गया। अनहोनी की आशंका में सुखराना पति के साथ थाने जा रही थी कि तभी देखा कि तहसील के पास बोरी में मां का शव पड़ा है। वादिनी ने रिपोर्ट में आरोप लगाया कि मां के पास तीन बिस्वा जमीन थी। सिया राम उसे बेचने का दबाव बना रहा था, जिसका मां विरोध करती थी। इसी कारण सिया राम ने मां की हत्या कर दी।
प्रतीकात्मक।