लखनऊ। व्यवसाय के लिए 50 हजार रुपये न मिलने पर पत्नी की हत्या करने के आरोपी श्रीकांत त्रिवेदी को दोषी ठहराकर एडीजे विनय कुमार सिंह ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माने भी लगाया गया है।
अभियोजन की ओर से बताया गया कि वादी लक्ष्मी शंकर मिश्र ने काकोरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके मुताबिक उन्होंने बहन नीलू की शादी श्रीकांत के साथ कराई थी। विवाह में मिले उपहारों से ससुरालवाले संतुष्ट नहीं थे। वे नीलू को प्रताड़ित करते थे। व्यवसाय के लिए रुपयों की मांग करते हुए श्रीकांत ने नीलू को मायके भेज दिया था। लक्ष्मी शंकर ने उसे समझाकर 17 अक्तूबर 2006 को ससुराल भेज दिया। अगले दिन उसे पता लगा कि श्रीकांत ने नीलू की हत्या कर दी है। वादी जब बहन के ससुराल पहुंचा तो पता चला कि नीलू के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।