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Lucknow News: पत्नी की हत्या करने के दोषी को आजीवन कारावास

Thu, 01 Oct 2026 02:37 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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लखनऊ। घरेलू विवाद में पत्नी जाह्नवी अग्रहरि की हत्या के दोषी पति आनंदेश्वर उर्फ आनंद अग्रहरि को एडीजे रोहित सिंह ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने छह लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। मृतका के दो पुत्र तनिष्क राज अग्रहरि और शौर्य अग्रहरि हैं, जो ननिहाल में रह रहे हैं। कोर्ट ने आदेश दिया कि जुर्माने की धनराशि बच्चों की पढ़ाई और जीवन यापन के लिए दी जाए। जिलाधिकारी बच्चों की पहचान कर समान रूप से राशि दें।
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कोर्ट में अभियोजन की ओर से बताया गया कि पांच दिसंबर 2023 को वादी अमन साहू ने ठाकुरगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एफआईआर के मुताबिक उनकी बहन जाह्नवी की शादी 2008 में आनंदेश्वर से हुई थी। शादी के बाद से पति और उसका भाई चिंटू जाह्वनी को परेशान करते थे। बताया कि आनंदेश्वर ने जाह्नवी की गला रेतकर निर्ममता से हत्या की थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका के शरीर पर 20 धारदार हथियार की चोटें मिली थीं।
सुनवाई के दौरान जाह्नवी के बड़े बेटे तनिष्क राज अग्रहरि ने गवाही दी। उसने बताया कि चार दिसंबर को स्कूल से आते समय पिता ने उसे सिरदर्द की दवा के नाम पर कुछ पिला दिया था, जिससे वह घर पहुंचते ही सो गया और अगले दिन उठा। घर में किसी के न मिलने पर उसने नानी को फोन किया। घर की अलमारी के पास दीवार पर खून के धब्बे थे। कोर्ट ने बेटे की गवाही को अहम मानते हुए आनंदेश्वर के आचरण पर टिप्पणी की।
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विवेचना पर कोर्ट ने की टिप्पणी
कोर्ट ने विवेचना पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि विवेचक श्रीकांत राय ने आरोपी और मृतका की सीडीआर, टावर लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज जैसे साक्ष्य नहीं जुटाए। बरामद चाकू को आलाकत्ल नहीं माना गया क्योंकि विधि विज्ञान प्रयोगशाला यह साबित नहीं कर सकी कि चाकू पर लगा खून मृतका का है। अदालत ने कहा कि विवेचक की ओर से छोड़ी गईं कमियां अभियुक्त को बरी करने का आधार नहीं हो सकतीं क्योंकि पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य से मामला युक्तियुक्त संदेश से परे साबित होता है। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से 10 गवाह पेश किए गए जबकि बचाव पक्ष की ओर से चार गवाह पेश किए गए थे।
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