इसके पहले शासन ने शुक्रवार को 2021-2022 के लिए आबकारी नीति को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन मंजूरी दे दी है। इसमें प्रदेश में पहली बार अनाज (चावल, गेहूं, बाजरा, मक्का) से देशी शराब बनाने की अनुमति दी गई है।
नए सत्र में शराब की दुकानों के लिए लाइसेंस फीस में 10 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। पिछले साल की तरह इस साल भी लाइसेंस का नवीनीकरण किया जाएगा। कोरोना काल में हुए नुकसान की भरपाई के लिए दुकानों के नवीनीकरण में रियायत भी दी जाएगी। दुकानों के नवीनीकरण के बाद जो दुकानें बचेंगी उनका आवंटन लॉटरी से होगा।
नई नीति में दुकानों के आधुनिकीकरण और प्रवर्तन कार्यों पर अधिक बल दिया गया है ताकि शराब के अवैध कारोबार को रोका जा सके और बिक्री में पारदर्शिता आए। सूत्रों के मुताबिक आबकारी नीति में लाइसेंस प्रक्रिया के सरलीकरण पर जोर दिया गया है। दुकानों के खुलने व बंद होने के समय को पहले की तरह रखा गया है।
सूत्रों के मुताबिक कोरोना के कारण उपजी आर्थिक स्थिति को देखते हुए शराब और बीयर के दाम में बढ़ोतरी नहीं की गई है। सरकार ने केएम शुगर मिल मसौधा अयोध्या द्वारा डिस्टलरी में किए शीरे के भंडारण पर जमा प्रशासनिक शुल्क की वापसी से संबंधित प्रस्ताव को भी कैबिनेट बाई सर्कुलेशन मंजूरी दे दी है।