इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिये पेट्रोल-डीजल चोरी करते पकड़े गए सभी 194 पंपों का लाइसेंस रद्द होगा। तेल कंपनियों ने शासन को बताया है कि वे 31 जुलाई तक ऐसे सभी पंपों का लाइसेंस निरस्त करा देंगी। इन पेट्रोल पंपों के बंद होने से पैदा होने वाले हालात से निपटने के लिए शासन ने जिलाधिकारियों से क्राइसिस मैनेजमेंट प्लान मांगा गया है।
खाद्य एवं रसद विभाग की प्रमुख सचिव निवेदिता शुक्ला वर्मा ने बुधवार को पेट्रोल पंपों पर हुई कार्रवाई की समीक्षा की। प्रमुख सचिव ने अब तक सिर्फ 60 एफआईआर होने पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की।
उन्होंने कहा कि चोरी करने वाले पेट्रोल पंपों के बाकी बचे मालिकों और मैनेजेरों के खिलाफ जल्द से जल्द एफआईआर कराकर उनकी गिरफ्तारी कराई जाए। गौरतलब है कि तेल चोरी के खुलासे के बाद शासन ने पूरे प्रदेश में 6600 पेट्रोल पंपों की जांच कराई थी। इनमें से 194 पेट्रोल पंपों पर खामियां और चोरी पकड़ी गई थी।