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डिफेंस एक्सपोः 20 से निलंबित होंगे मीट की दुकानों के लाइसेंस

Mon, 09 Dec 2019 04:05 PM IST
ishwar ashish प्रवेंद्र गुप्ता/अमर उजाला, लखनऊ
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गोमती नगर जैसे पॉश इलाके में खुले में की जा रही मीट-मछली की बिक्री - फोटो : अमर उजाला
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डिफेंस एक्सपो के दौरान विमानों की आवाजाही और गोमती तट पर फ्लाइंग के दौरान रनवे या फ्लाइंग जोन में पक्षियों के कारण दुर्घटना न हो, इसके लिए 20 दिसंबर से लखनऊ की सभी मीट की दुकानों के लाइसेंस निलंबित रहेंगे।
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आयोजन के समाप्त होने तक यह व्यवस्था प्रभावी रहेगी। इस दौरान मीट की अवैध दुकानों को भी हटाया जाएगा। इस बाबत नगर आयुक्त ने आदेश जारी कर दिया है। इसमें उन्होंने कहा है कि आयोजन स्थल के 10 किलोमीटर केदायरे में मीट की दुकानों पर मांस की बिक्री पर रोक रहेगी।

ऐसे में करीब डेढ़ महीने तक शहरवासियों को मांस-मछली का शौक टालना पड़ना सकता है। अमौसी एयरपोर्ट के निकट चिल्लावा व उसके आसपास के इलाके में अवैध रूप से सड़क के फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले मीट विक्रेताओं द्वारा अवशेष फेंक देने से चील आदि पक्षी उड़ते रहते हैं।
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इससे कई बार पक्षियों के टकराने की घटनाएं हो चुकी हैं। प्रशासन कई बार दुकानें बंद भी करा चुका है, लेकिन व चोरी छिपे खुल जाती हैं। मीट-मछली की दुकानों के कारण दुर्घटना की आशंका को लेकर पूर्व में एलआईयू भी रिपोर्ट दे चुकी है। ऐसे में डिफेंस एक्सपो को लेकर प्रशासन बेहद सतर्क है।

इसे देखते हुए दोनों आयोजन स्थलों (वृंदावन कालोनी और गोमती तट) के 10 किमी के दायरे में मीट-मछली की खुले में लगने वाली दुकानों पर रोक लगाने निर्णय लिया है। इस दायरे में जो ग्रामीण बाजार लगते हैं, वह भी बिना अनुमति नहीं लगेंगे। अनुमति बाद ही बाजार लगेंगे और बाजारों में स्वच्छता के पूरे उपाय होंगे।
 

बिना एनओसी चल रहीं दुकानें

सड़कों पर सजती हैं मंडियां
रिंग रोड, दुबग्गा, सीतापुर रोड क्रॉसिंग, साठ फिटा रोड जानकारीपुरम, बिल्लौचपुरा, नक्खास, पक्का पुल आदि शहर के ऐसे इलाके हैं जहां सड़क पर ही खुले में मांस-मछली की अवैध मंडियां लगती हैं। डिफेंस एक्सपो को लेकर ऐसे ही बाजारों को हटाने पर प्रशासन का विशेष जोर है।  

नगर निगम के संयुक्त निदेशक पशु कल्याण डॉ. अरविंद राव ने बताया करीब तीन साल पहले तक नगर निगम मीट की दुकानों के लाइसेंस बनाता था। अब यह अधिकार एफएसडीए के पास चला गया है, लेकिन लाइसेंस जारी करने से पहले नगर निगम से एनओसी लेना होता है।

इसमें निगम यह देखता है कि जिस दुकान का लाइसेंस जारी किया जा रहा है वह मानकों को पूरा करती है या नहीं। लाइसेंस एक साल का होता है और इस साल नगर निगम ने एक भी एनओसी जारी नहीं की है। ऐसे में शहर में जो भी मीट व मछली की दुकानें चल रही हैं वह सब अवैध हैं। खुले में लगने वाली सभी अवैध बाजारों व दुकानों को बंद कराया जाएगा। शहर में दो हजार से अधिक दुकानें चल रही हैं।
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रोक के बावजूद दुकानों पर काटे जा रहे पशु

डॉ. अरविंद ने बताया कि दुकान पर या खुले में पशु काटने पर रोक है। दुकान पर सिर्फ मीट बेचने का लाइसेंस होता है। पशु को स्लाटर हाउस में ही काटा जा सकता है, लेकिन पिछले तीन साल से शहर के सभी स्लाटर हाउस बंद हैं। ऐसे में सभी दुकानों पर जो पशु काटे जा रहे हैं वह पूरी तरह अवैध है।

जनवरी से शुरू होगा स्वच्छता अभियान
आयोजन से एक माह पहले शहर में विषेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। ताकि आयोजन स्थल के आसपास गंदगी की वजह से पक्षी आकर्षित न हों और फ्लाइंग के समय रास्ते में आकर दुर्घटना का कारण न बनें। डिफेंस एक्सपो फरवरी के पहले सप्ताह में है। ऐसे में जनवरी के पहले सप्ताह से विशेष सफाई अभियान शुरू होगा।

बंद होंगी खुले में चल रहीं मीट की दुकानें
शहर में जो भी मांस-मछली की दुकानें खुले में अवैध रूप से चलाई जा रही हैं या बाजार लगाए जा रहे हैं, वह सभी बंद कराए जाएंगे। अमौसी एयरपोर्ट और डिफेंस एक्सपो आयोजन के दोनों स्थलों के 10 किमी दायरे में मीट की दुकानों के लाइसेंस भी 20 दिसंबर से आयोजन की समाप्ति तक निलंबित रहेंगे। आदेश विशेष तौर पर खुले में लगने वाली दुकानों और बाजारों को लेकर जारी हुआ है। - इंद्रमणि त्रिपाठी, नगर आयुक्त
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