लखनऊ। राज्य ललित कला अकादमी का पुस्तकालय पिछले काफी समय से मरम्मत कार्य के चलते बंद चल रहा है। इस वजह से न सिर्फ स्थानीय बल्कि बाहर से आने वाले अन्य विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों को भी दिक्कत हो रही थी। अकादमी में नए शैक्षिक सत्र से इसकी फिर से शुरुआत करने की तैयारी है। इस पुस्तकालय में 50 विद्यार्थियों के एक साथ बैठकर पढ़ने की सुविधा मिलेगी।
राज्य ललित कला अकादमी में रेफरेंस लाइब्रेरी है, जिसमें किताबें घर ले जाने के लिए नहीं दी जा सकती हैं। यहीं पर बैठकर पढ़ने की ही सुविधा है। कोरोना काल के दौरान इस लाइब्रेरी का संचालन बंद हो गया था। हालांकि, जो विद्यार्थी बाहर से आते थे, उन्हें किताबें जारी कर अकादमी में ही पढ़ने की सुविधा मुहैया कराई जाती रही।
इधर दो माह से ज्यादा समय से पुस्तकालय में मरम्मत कार्य के चलते पूरी तरह से लाइब्रेरी की सुविधा बंद थी। अकादमी की निदेशक श्रद्धा शुक्ला ने बताया कि नए सत्र से जुलाई में पुस्तकालय को नए स्वरूप में तैयार कर फिर से छात्र-छात्राओं के लिए खोल दिया जाएगा। पुस्तकालय में पांच हजार से ज्यादा पुस्तकें हैं जिनमें से बहुत सी पुस्तकें दुर्लभ हैं।
मालूम हो कि अकादमी में बीवीए कोर्स का संचालन किया जा रहा है जो भातखंडे संस्कृति विवि से संबद्ध हैं। अन्य सर्टिफिकेट कोर्स भी शुरू किए जाने हैं। मूर्ति कला के अलावा अन्य कलाओं से संबंधित करीब पांच हजार से ज्यादा पुस्तकें यहां के पुस्तकालय में मौजूद हैं। लखनऊ विवि से संबंधित शोध छात्र-छात्राओं के अलावा गोरखपुर, इलाहाबाद, बनारस और कानपुर विवि के शोध छात्र भी यहां पर आकर पुस्तकालय का लाभ उठाते हैं। नए सत्र से यहां फिर से सुविधा शुरू होने से उन्हें लाभ होगा।
नए डीपीआर में अलग से है पुस्तकालय का प्रस्ताव
राज्य ललित कला अकादमी की निदेशक श्रद्धा शुक्ला ने बताया कि नए डीपीआर में अलग से पुस्तकालय का प्रस्ताव भेजा जा रहा है। अकादमी में इस पुस्तकालय का स्थान बदला जाएगा। यह अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगी जहां विद्यार्थियों के लिए एसी की भी सुविधा मौजूद रहेगी।