कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुति देती टीम।
लखनऊ। गोमतीनगर स्थित एक इन में रविवार को ''''मौसीकी एक शाम, इश्क और हिज्र के नाम'''' में गजलों की महफिल सजी। प्रसिद्ध गजल गायिका डॉ. प्रभा श्रीवास्तव ने जब फिर ले आया दिल मजबूर...और हम भरी दुनिया में तन्हा हो गए...जैसे नगमें सुनाए तो श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। मेटाफर लखनऊ लिटफेस्ट की ओर से आयोजित कार्यक्रम की शाम जैसे ढलती गई, डॉ. प्रभा श्रीवास्तव की सधी हुई गायकी और उर्दू शायरी की नजाकत ने एक नया रंग भर दिया। मंच पर मौजूद कुशल संगीतकारों ने तबले, हारमोनियम और गिटार के मधुर सुरों से हर प्रस्तुति को और भी जीवंत बना दिया।