कथा सुनाते आचार्य पुंडरीक गोस्वामी महाराज।
लखनऊ। ऐशबाग स्थित डीएवी कॉलेज में आयोजित श्रीमद्भागवत में बुधवार को आचार्य पुंडरीक गोस्वामी जी महाराज ने कहा कि हरि कथा से बड़ा कोई दूसरा साधन नहीं है। कुछ भी नहीं हो जीवन में तो हरि कथा सुनाने का अभ्यास बनाना चाहिए। लोगों को भवलोक ठीक करना है तो हरिनाम सुमिरन करना चाहिए।
महाराज जी ने कहा कि हर मनुष्य जन्म के समय पूर्व जन्म से पुण्य व पाप दोनों लाता है। इस जन्म में किए गए कार्य से अर्जित पुण्य-पाप के हिसाब से भोग करना होता है। कहा कि सप्ताह में एक बार गो सेवा, माह में एक बार कथा, वर्ष में एक बार वृंदावन धाम जरूर जाना चाहिए। उनके भजन चल मन वृंदावन धाम, जहां विराजत श्यामा श्याम... पर पूरा पंडाल झूम उठा।
उन्होंने कहा कि ईश्वर का दर्शन प्रत्येक जीव में किया जा सकता है, लेकिन गाय को प्राथमिकता दी गई है। गाय की यदि सेवा की जाए तो वह कभी भूलती नहीं। वह सारे दुःख अपने ऊपर ले लेती है। इस दौरान राधारमण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर आयोजक राजेंद्र अग्रवाल, अमरनाथ मिश्र, नवीन गुप्ता, समीर मित्तल, लोकेश अग्रवाल, आनंद रस्तोगी, शिवम बंसल, राहुल गुप्ता, मनोज राय, कुश मिश्रा, चारु मिश्रा, अरविन्द तिवारी, सुनील मिश्रा, आदित्य अग्रवाल, हनी शुक्ला, प्रमोद अवस्थी, मनोज गुप्ता आदि मौजूद रहे।