लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय मार्ग की मरम्मत पर लखनऊ इलेक्टि्रक सप्लाई अथॉरिटी (लेसा) की मनमानी भारी पड़ सकती है। भूमिगत नाले के चैंबर में डाले गए केबल को लेसा ने निकाला ही नहीं। ऐसे में नाले का रिसाव रोकने के लिए आरसीसी की जैकेट वॉल यानी चारों तरफ दीवार बनाई जा रही है। ऐसे में रिसाव की आशंका बरकरार रहेगी। अगर रिसाव हुआ तो सड़क फिर से धंस सकती है। इससे मरम्मत पर किया जा रहा खर्च बर्बाद होगा।
विश्वविद्यालय मार्ग का एक बड़ा हिस्सा 13 सितंबर की रात में धंस गया था। इससे सड़क पर करीब 15 फीट चौड़ा और करीब इतना ही गहरा गड्ढा हो गया था। सड़क क्यों धंसी, शुरुआत में इसकी वजह साफ नहीं हो रही थी। पहले माना जा रहा था कि सीवर लाइन या पानी की पाइपलाइन में लीकेज से सड़क धंसी है। नगर निगम और जलकल विभाग की टीमों ने मरम्मत का काम शुरू किया तो पता चला कि करीब 30 साल पहले बनाए गए भूमिगत नाले के चैंबर से रिसाव हो रहा है।
जांच में नाले का चैंबर टूटा मिला। यह भी सामने आया कि चैंबर के अंदर से लेसा ने बिजली के केबल डाल दिए हैं। छह केबल चैंबर के ऊपरी हिस्से से और चार निचले हिस्से से डाले गए थे। हैरान कराने वाली बात है कि इसके लिए उसने लोक निर्माण विभाग से मंजूरी भी नहीं ली थी। लीकेज का कारण पता चलने पर नगर निगम के अधिशासी अभियंता अतुल मिश्र ने केबल हटाने के लिए लेसा को पत्र लिखा। पर, उसने केबल नहीं हटाए।
हाई वोल्टेज लाइन के हैं केबल...इसलिए मरम्मत का काम धीमा चल रहा
नगर निगम के सहायक अभियंता वीके पाठक बताते हैं कि सड़क की मरम्मत का काम जल्द से जल्द पूरा करना है। लिहाजा वैकल्पिक उपाय कर नाले के चैंबर के चारों ओर आरसीसी की जैकेट वॉल बनाई जा रही है। इससे रिसाव को रोका जाएगा। बहरहाल भूमिगत नाले के चैंबर के अंदर से गुजर रहे हाई वोल्टेज लाइन के केबल की वजह से मरम्मत का काम धीमा चल रहा है।
हर दिन 50 हजार से अधिक की आबादी झेल रही परेशानी
सड़क के उस हिस्से को बंद कर दिया गया है, जहां मरम्मत हो रही है। ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया है। ऐसे में करीब 200 मीटर तक सड़क की एक लेन पर दोनों ओर का ट्रैफिक चल रहा है। लेसा की लापरवाही का खामियाजा रोजाना 50 हजार से अधिक आबादी को भुगतना पड़ रहा है।
भाजपा पार्षद ने कहा-मुख्यमंत्री से करेंगे शिकायत
क्षेत्रीय भाजपा पार्षद रंजीत सिंह ने मरम्मत कार्य पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि भूमिगत नाले के चैंबर से बिजली के केबल निकाले बिना ही मरम्मत करने से रिसाव दूर नहीं होगा। इससे फिर से सड़क धंस सकती है। पिछले छह साल में तीन बार यहां आसपास की सड़क धंस चुकी है। फिर भी लेसा मनमानी कर रहा है। यह मामला जनता की सुरक्षा से भी जुड़ा है। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की जाएगी।
लेसा के अभियंता ने बंद कर लिया फोन
भूमिगत नाले के चैंबर से केबिल क्यों नहीं निकाले गए, इसको लेकर विश्वविद्यालय उपकेंद्र के अधिशासी अभियंता ज्ञानेंद्र सिंह से सवाल किया गया तो वह कुछ धीमे से बोले और उसके बाद उनका फोन स्विच ऑफ हो गया। इसके बाद उन्होंने न तो कोई संपर्क किया और न उनके नंबर पर संपर्क हो सका।
मरम्मत का खर्च लेसा से वसूला जाएगा
नगर निगम के अधिशासी अभियंता अतुल मिश्र का कहना है कि जैकेट वॉल बनाने का काम सोमवार तक पूरा हो जाएगा। मरम्मत पर जो खर्च आएगा, उसकी वसूली लेसा से की जाएगी। हां, यह सच है कि केबल नहीं निकाले जाने की वजह से भविष्य में रिसाव की आशंका बनी रहेगी। सड़क को चालू करना है, ऐसे में वैकल्पिक उपाय से मरम्मत की जा रही है। इसके लिए अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं।