बलरामपुर के गैसड़ी-धोबहा गांव में कई दिनों से आतंक का पर्याय बना तेंदुआ सोमवार को वन विभाग की गिरफ्त में आ गया। रविवार देर रात वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजड़े में तेंदुआ कैद हो गया। ग्रामीणो के मुताबिक वह गांव के कई जानवरों को निवाला बना चुका था। शिकायत पर वन विभाग की टीम ने इलाके में पिंजड़ा लगाया था।
शनिवार को तेंदुआ वन विभाग को चकमा देकर पिंजड़े में बंधे बकरे को निवाला बनाकर चलता बना था। इससे वन विभाग की काफी किरकिरी हुई थी। रविवार को वन विभाग ने पिंजड़े में एक कुत्ते को बांधा था। देर रात जैसे ही तेंदुए ने हमला किया वह पिंजरे में कैद हो गया।
वन विभाग के डीएफवो रजनीकांत मित्तल, एसडीओ अनिल कुमार श्रीवास्तव, भाभर रेंज के क्षेत्राधिकारी रामनंद मौर्य और सूरज सिंह सहित वन विभाग की पूरी टीम ने तेंदुए को बनकटवा रेंज के पिपरा कक्ष संख्या 2 में छोड़ दिया।
बताते चले कि धोबहा गांव के अनिल सिंह के गन्ने के खेत में कई दिनों पहले तेंदुए के पद चिन्ह मिले थे। जिसकी सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग को दी थी। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने तेंदुए को पकड़ने के लिए पिजड़ा लगाया गया था। रविवार रात्रि में भोजन की तलाश में निकला तेंदुआ पिजड़े में बंधे कुत्ते के ऊपर हमला करते ही फंस गया।