फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बच्ची को उठाकर जिंदा चबा गया तेंदुआ

Mon, 21 Apr 2014 08:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
निशानगाड़ा रेंज के जागापुरवा गांव से रविवार भोर एक निशक्त बच्ची को तेंदुआ दबोच ले गया। सुबह बच्ची का क्षत-विक्षत शव जंगल में मिला।
विज्ञापन


वनाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर तेंदुए के हमले की पुष्टि की है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के निशानगाड़ा रेंज अंतर्गत रमपुरवा मटेही ग्राम पंचायत का मजरा जागापुरवा जंगल से सटा है।

गांव और जंगल के बीच महज 100 मीटर की दूरी है। शनिवार रात गांव निवासी सलीम परिवार के साथ छप्पर के घर में सो रहा था।

पुलिस नहीं पहुंची मौके पर

रात तीन बजे के आसपास एक तेंदुआ सलीम के घर में घुस गया और बरामदे में सो रही उसकी मूकबधिर बेटी रेशमा (12) पर हमला कर उसके गर्दन को जबड़े में दबोच लिया।

बेटी की छटपटाहट की आहट पाकर परिवार के लोग जगे लेकिन तब तक तेंदुआ रेशमा को घसीटते हुए जंगल में लेकर चला गया। परिवारीजनों ने शोर मचाने पर गांव के लोग दौड़े। खोजबीन शुरू की गई।

सुबह रेशमा का शव बीट नंबर एक के घने जंगल में झाड़ियों के बीच मिला। सूचना पर रेंजर धर्मराज चौधरी और वन दरोगा नाथूराम त्रिपाठी मौके पर पहुंचे।

पदचिह्नों के आधार पर तेंदुए के हमले की पुष्टि की है। सूचना के बावजूद सुजौली पुलिस मौके पर नहीं पहुंची।
विज्ञापन

पिता को मिली आर्थिक मदद

इस पर परिवारीजन स्वयं किशोरी के क्षत-विक्षत शव को लेकर थाने पहुंचे। वहां से शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

वन दरोगा नाथूराम त्रिपाठी ने अहेतुक सहायता के रूप में वन विभाग की ओर से सलीम को 10 हजार रुपये दिए हैं। घटना से गांव के लोग दहशतजदा हैं।

वन दरोगा नाथूराम त्रिपाठी ने बताया कि जिस तरह से शव की स्थिति है, उससे लग रहा है कि मादा तेंदुए ने हमला कर किशोरी को निवाला बनाया है।

उन्होंने कहा कि तेंदुए ने शव को पैर से खाने की शुरुआत की है। मादा तेंदुआ या बाघ ही अपने शिकार के गले में पहले कैनाइन गड़ाकर उसे मार डालते हैं, फिर शरीर के निचले हिस्से से निवाला बनाते हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें