लखनऊ। काकोरी में रहमानखेड़ा के मंडौली गांव किनारे तेंदुए की चहलकदमी और तेज हो गई है। एक सप्ताह के भीतर कई जगह उसके पगचिह्न मिल चुके हैं। इससे ग्रामीण दहशत में हैं। वन विभाग के अधिकारियों ने आशंका जताई है कि तेंदुआ शिकार की तलाश में है। बेहता नाले के किनारे उसकी चहलकदमी सबसे अधिक मिली है। उसकी निगरानी के लिए अब विभाग ने गांव के आसपास दो ट्रैप कैमरे लगाए हैं।
गांव के किनारे और आसपास के इलाके में वन विभाग की टीम ने कॉम्बिंग भी की। टीम ग्रामीणों को जागरूक भी कर रही है। कहा है कि देर शाम वे घरों से अकेले न निकलें। घरों से टोली बनाकर ही निकलें।
अवध वन प्रभाग लखनऊ की रेंजर सोनम दीक्षित ने बताया कि रविवार को मंडौली खेड़ा गांव से लेकर मिठेनगर जाने वाले मार्ग तक वन विभाग की टीम ने कॉम्बिंग की। हालांकि, उस राह पर कोई पगचिह्न नहीं मिले। बेहता नाले के आसपास के जंगल में तेंदुए की गतिविधि सबसे ज्यादा देखने को मिली है। डीएफओ शितांशु पांडे ने बताया कि एसडीओ हरिलाल चौरसिया की अगुवाई में रेंजर, डिप्टी रेंजर, दरोगा, फारेस्ट गार्ड को मिलाकर छह लोगों की टीम को तेंदुआ रेस्क्यू ऑपरेशन में तैनात किया गया है।