जिले के चिलुआताल इलाके में शुक्रवार को एक तेंदुए ने करीब 12 घंटे आतंक मचाए रखा। इस दौरान उसके हमले से छह लोग जख्मी हो गए।
सुबह मिली सूचना के दो घंटे बाद पहुंची वन विभाग की टीम दिन भर उसे पकड़ने का प्रयास करती रही लेकिन संसाधन की कमी से शाम तक उसे सफलता नहीं मिली।
इस दौरान दो ठिकाने बदलते हुए तेंदुआ एक आरा मशीन में छिप गया। जहां देर देर शाम जाल डालकर उसे पकड़ा जा सका। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
चिलुआताल इलाके के मोहरीपुर गांव के लोगों ने सुबह करीब सात बजे सड़क के पास तेंदुआ देखा तो शोर मचाते हुए भागने लगे। शोरगुल सुनकर तेंदुआ एक निर्माणाधीन भवन में घुस गया।
जिससे ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर भवन के पास एकत्रित हो गए। उन्होंने वन विभाग और पुलिस को जानकारी दी। इसी दौरान कुछ युवकों ने भवन में पत्थर फेंके तो तेंदुआ बाहर आ गया और भीड़ और शोर से घबराकर भागने लगा। तेंदुए के रास्ते में आने वाले चार लोग उसका पंजा लगने से जख्मी हो गए।