यूपी सरकार ने लेखपालों के रिक्त पदों पर भर्ती की कार्यवाही यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) से कराने का फैसला किया है। अब तक यह कार्यवाही राजस्व परिषद और जिलाधिकारी के स्तर से होती थी।
प्रदेश में सपा सरकार ने राजस्व लेखपालों की भर्ती लिखित परीक्षा व इंटरव्यू के आधार पर कराई थी। लिखित परीक्षा राजस्व परिषद के निर्देशन में टीसीएस ने कराई थी। इंटरव्यू जिलाधिकारियों ने लिए थे। लिखित परीक्षा व इंटरव्यू के अंकों के आधार पर लेखपालों का चयन हुआ था।
योगी सरकार ने भर्ती में पारदर्शिता के लिए समूह ‘ग’ केपदों पर इंटरव्यू की व्यवस्था खत्म कर दी है। राजस्व परिषद ने नई व्यवस्था में लेखपालों के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए शासन से सहमति मांगी थी और चयन प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ाई जाए, इस पर निर्णय के लिए आग्रह किया था। यह निर्णय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्तर से होना था।
शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार ने लेखपाल भर्ती की कार्यवाही अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से कराने पर सहमति दी है। प्रमुख सचिव राजस्व सुरेश चंद्रा ने बताया कि शासन से राजस्व परिषद को इस संबंध में निर्देश भेजा जा रहा है।
5300 पद भर्ती के लिए हो जाएंगे खाली
जून तक लेखपालों के करीब 3500 पद खाली हो रहे हैं। इसके अलावा लेखपालों की राजस्व निरीक्षक के पद पर प्रस्तावित पदोन्नति से इस बीच करीब 1800 पद खाली होने की संभावना है। इस तरह करीब 5300 पदों की रिक्ति पर भर्ती कराई जा सकती है।