राजधानी की सड़कें जल्द ही एलईडी लाइटों से जगमगाएंगी। ये सोडियम लाइटों
की जगह लेंगी।
इससे मार्ग प्रकाश के बिजली बिल का खर्च आधा हो जाएगा और नगर
निगम का मार्ग प्रकाश बिंदुओं के रखरखाव पर खर्च का भार भी कम होगा।
नगर
निगम ने पहले चरण में जोन पांच में एलईडी लाइटों के लगाने का प्रस्ताव
तैयार कर शासन को भेजा है। एलईडी लाइटें केंद्र सरकार के सहयोग से लगाई
जाएंगी।
केंद्र सरकार के ऊर्जा मंत्रालय के
ऊर्जा संरक्षण कार्यक्रम के तहत प्रदेश के दो शहर इसके लिए चुने गए हैं।
इनमें लखनऊ और कानपुर शामिल हैं।
योजना के तहत केंद्र सरकार मार्ग प्रकाश
के लिए एलईडी लाइटों के प्रयोग पर 90 प्रतिशत राशि अधिकतम 1.5 करोड़ रुपये
अनुदान देगी और 10 प्रतिशत राशि नगर निगम को खर्च करनी होगी।
शासन के
निर्देश के बाद नगर निगम की ओर से प्रस्ताव तैयार कर भेज दिया गया है। जो
प्रस्ताव शासन भेजा गया है उसमें पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर आलमबाग चौराहे
वाली रोड को शामिल किया गया है।
खास बात यह भी है कि केंद्र सरकार से
जितनी मदद मिलेगी, उसमें सिर्फ 218 मार्ग प्रकाश खंभों पर ही एलईडी लाइटें
लगाई जा सकती हैं।
इसको देखते हुए नगर निगम की ओर से एक और प्रस्ताव शासन
को इस संबंध में भेजा गया है।
यह प्रस्ताव मुंबई की एक निजी कंपनी की ओर से
नगर निगम को दिया गया है। यह कंपनी भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय में
ऊर्जा संरक्षण कार्यक्रम के तहत पंजीकृत भी है।