फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मतदान तो हो गया, एक दूसरे को दिलासा दे रहे माननीय

Mon, 12 May 2014 11:00 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
मतदान के अंतिम दिन राजनीतिक पार्टियों के दफ्तर में मौजूद नेता कार्यकर्ता जीत हार के आकलन के बीच एक दूसरे को दिलासा देते नजर आए।
विज्ञापन


वहीं डेढ़ महीने के थकाऊ प्रचार अभियान से फुरसत पाए नेताओं की नजरें अंतिम चरण के मतदान पर भी रहीं।

सपा कार्यालय पर प्रदेश सचिव सीपी राय जरूर मौजूद थे लेकिन कोई बड़ा नेता नजर नहीं आया। कोई विशेष हलचल भाजपा और कांग्रेस दफ्तर पर भी नजर नहीं आई। बसपा जैसे दल के जिम्मेदार पदाधिकारी काउंटिंग की तैयारियों में जरूर जुटे बताए गए।

अब सभी की नजरें 16 मई को आने वाले चुनाव नतीजों पर टिकी हैं। हालांकि टीवी चैनलों के ‘इक्जिट पोल’ के हिसाब से भी नतीजों का विश्लेषण शुरू हो गया है।

सपा कार्यकर्ता देते रहे दिलासा

सपा के प्रदेश कार्यालय पर आम दिनों की अपेक्षा लोगों की भीड़ कम थी। बहुत ज्यादा हलचल भी नहीं दिखी। यहां प्रदेश सचिव सीपी राय दोपहर से लेकर देर शाम तक अंतिम चरण के मतदान का फीडबैक लेते रहे।

उन्होंने कई टीवी चैनलों से बात भी की। दिन में जो भी नेता व कार्यकर्ता दफ्तर पहुंचा, वह उन्हें पार्टी की बेहतर स्थिति को लेकर आश्वस्त करते नजर आए।

आजमगढ़ से सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव प्रत्याशी हैं। सोमवार को हो रहे मतदान में 18 सीटों के साथ सबकी नजर इस सीट के फीडबैक पर थी।

आजमगढ़ के नेता फीडबैक में यही बताते नजर आए कि वहां नेताजी को मैनपुरी से ज्यादा वोटों से जिताने की होड़ में वोटिंग हो रही है। शाम को इक्जिट पोल के नतीजों पर नजरें टिक गईं। यहां पता चला कि प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी बाहर हैं।

बसपा कार्यालय में हलचल नहीं

माल एवेन्यू स्थित बसपा कार्यालय पर इन दिनों निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। यहां प्रदेश संगठन का कोई प्रमुख नेता नजर नहीं आया।

पता चला कि प्रदेश अध्यक्ष राम अचल राजभर अभी बाहर हैं और दूसरे प्रमुख नेताओं के पास जिन क्षेत्रों के जोनल कोआर्डिनेटर की जिम्मेदारी है वे वहां मतगणना की तैयारियों को कोआर्डिनेशन में जुट गए हैं।

चूंकि बसपा सुप्रीमो मायावती अभी प्रदेश कार्यालय के सामने स्थित अपने आवास पर ही हैं। लिहाजा पार्टी की रणनीति का केंद्र उनका आवास बना हुआ है। बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र के दिल्ली जाने की जरूर जानकारी मिली।

भाजपा दफ्तर रहा शांत

भाजपा कार्यालय समय 1.15 बजे। जहां पर अब तक भीड़ लगी रहती थी और गाड़ियां तक खड़ी करने को जगह नहीं रहती थी, वहां आज सन्नाटा पसरा था।

यहां थे तो चंद कर्मचारी और इक्का-दुक्का छुटभइया नेता। मुख्य भवन के अंदर प्रवेश करते ही हाल में टीवी पर सभी नजरें गड़ाए बैठे थे। नजर केवल दो प्रमुख सीटों पर, वाराणसी और देवरिया।

वाराणसी से भाजपा पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी मैदान में हैं और देवरिया से कलराज मिश्र। कलराज मिश्र के चाहने वाले वहां बैठे कुछ लोग आपस में चर्चा कर रहे थे कि कलराज जी अच्छे वोटों से जीत दर्ज करेंगे और विरोधियों का मुंह बंद हो जाएगा।

इस विरोधी का नाम तो वहां बैठे किसी ने नहीं लिया पर कलराज की जीत को लेकर कुछ लोग बेचैन जरूर दिखे। दफ्तर में कोई बड़ा नेता नजर नहीं आया। बस इतना ही बताया गया कि बड़े नेता थकान मिटा रहे हैं।
विज्ञापन

कांग्रेस की नजर एक्जिट पोल पर

दोपहर में प्रदेश कार्यालय में प्रवक्ताओं की टीम टीवी के सामने आखिरी चरण के मतदान का जायजा ले रही थी।

कांग्रेस कम्युनिकेशन विभाग के चेयरमैन सत्यदेव त्रिपाठी, प्रवक्ता अमरनाथ अग्रवाल व वीरेंद्र मदान मीडिया रूम में बैठकर वाराणसी के चुनाव की समीक्षा करते नजर आए। सभी को शाम के एक्जिट पोल के इंतजार में बैठे थे।

इसी बीच कुछ टीवी चैनलों के फोन प्रवक्ताओं के पास आने लगे। सभी अपने-अपने यहां कांग्रेस प्रवक्ताओं से शाम का समय मांग रहे थे।

प्रवक्ता अमरनाथ अग्रवाल ने कहा कि अब सारे प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में बंद हो चुकी है। 16 मई को देखिएगा कांग्रेस के समर्थन से ही केंद्र में सरकार बनेगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें