लखनऊ। लोकबंधु चौराहे के सुंदरीकरण के काम में कोताही बरतने के पीछे एलडीए के अफसर भी जिम्मेदार हैं। एलडीए ने पीडब्ल्यूडी से एनओसी के लिए पैरवी तक नहीं की, लिहाजा काम अटका रहा।
बिजली विभाग के एक्सईएन नीरज कुमार ने एलडीए में सिविल इकाई के एक्सईएन अजीत कुमार और सहायक अभियंता गौरव कुमार से पीडब्ल्यूडी को खोदाई की परमिशन के सिलसिले में लिखे गए पत्र को साझा किया था। इस सिलसिले में नीरज और अजीत के बीच बातचीत भी हुई थी, मगर एलडीए के इंजीनियरों ने पीडब्ल्यूडी से खोदाई की एनओसी देने की पैरवी नहीं की। इनकी लापरवाही के कारण लोकबंधु चौराहा बदहाल बना हुआ है।
15 जुलाई को लिखा था पहला पत्र
रविवार को नीरज कुमार ने बताया कि खोदाई की एनओसी के लिए पहला पत्र 15 जुलाई को लिखा गया था। पीडब्ल्यूडी ने 30 सितंबर को जब पाबंदी की बात कही तो सितंबर में ही एलडीए के एक्सईएन अजीत कुमार से एनओसी पर बातचीत की गई। नीरज का कहना कि एलडीए एक्सईएन ने आश्वासन दिया था कि वह पीडब्ल्यूडी से एनओसी देने के लिए बात करेंगे। अगर उसी वक्त एनओसी मिल जाती तो अब तक काम पूरा हो चुका होता।
मजदूरों से करानी होगी खोदाई
बिजली विभाग के एक्सईएन ने बताया कि लोकबंधु अस्पताल चौराहे के पास नेटवर्क को शिफ्ट करने के लिए जेसीबी के बजाय मजदूरों से खोदाई करानी होगी। पीडब्ल्यूडी चाहता तो एलडीए के सुंदरीकरण कार्य के लिए खोदाई के लिए एनओसी दे सकता था, लेकिन उसके इंजीनियरों ने मौका मुआयना तक नहीं किया।
आज से शिफ्ट होगा बिजली नेटवर्क
अमौसी जोन के मुख्य अभियंता महफूज आलम के मुताबिक, चौराहे के सुुंदरीकरण में बाधक बने बिजली नेटवर्क को सोमवार से शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू होगी। दूसरी लाइन बिछाने का कार्य मैनुअल होगा। दो दिन में पीडब्ल्यूडी ने एनओसी देने का भरोसा दिया है।
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बिजली विभाग को लेनी थी एनओसीI
Iलोकबंधु चौराहे पर सुंदरीकरण के लिए बिजली नेटवर्क शिफ्ट करने के लिए उसी विभाग को एनओसी लेने की जिम्मेदारी थी। हालांकि, मुझे जिम्मेदारी संभाले छह माह ही हुए। मेरी बिजली विभाग के एक्सईएन से कोई बातचीत नहीं हुई। I
I- विनीत कुमार, सहायक अभियंता, एलडीएI