फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नाका होटल अग्निकांड : 13 इंजीनियर, ब्यूरोक्रेट्स के खिलाफ चार्जशीट भेजेगा एलडीए

विज्ञापन
विज्ञापन
नाका होटल अग्निकांड : 13 इंजीनियर, ब्यूरोक्रेट्स के खिलाफ चार्जशीट भेजेगा एलडीए
विज्ञापन

होटल विराट इंटरनेशनल और एसएसजे इंटरनेशनल में जिंदा जले सात लोगों की मौत के मामले में एलडीए ने कार्रवाई की तैयारी पूरी कर ली है।
प्राधिकरण एक आईएएस सहित 13 प्रशासनिक अधिकारी और इंजीनियरों के खिलाफ चार्जशीट बृहस्पतिवार को आवास विभाग को भेजेगा। तीन एलडीए कर्मियों पर विभागीय कार्रवाई होनी है।
प्रभारी अधिष्ठान व वित्त नियंत्रक राजीव कुमार सिंह ने बताया कि एडीजी राजीव कृष्णा व वीसी प्रभु एन सिंह की जांच रिपोर्ट में दोषी पाए गए तत्कालीन स्टाफ पर कार्रवाई होनी है।
विज्ञापन

इनमें कुछ की नियुक्ति यूपी सरकार से सीधे है। ऐसे में चार्जशीट आवास विभाग को भेजी जा रही है। वहीं, जिन बाबू व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नियुक्ति एलडीए से है, उनके खिलाफ निलंबन व अग्रिम जांच की कार्रवाई विभागीय होगी।
इन्हें पाया गया दोषी
एलडीए में तैनात रहे और होटल अवैध रूप से बनने देने के दोषी पाए गए अवर अभियंता गजराज सिंह यादव, मोहनचंद्र सती, धन्नीराम, लालजी शुक्ला, जनार्दन सिंह, सहायक अभियंता राजेंद्र कुमार, अजय कुमार, अजीत कुमार, अधिशाषी अभियंता डीसी यादव, प्रदीप कुमार, माम चंद्र, विहित प्राधिकारी वीरेंद्र कुमार पांडेय, राकेश कुमार मिश्र (अब आईएएस अधिकारी) के खिलाफ चार्जशीट आवास विभाग को जाएगी। नोटिस सर्वर शिव प्रसाद तिवारी, अवर वर्ग सहायक महेंद्र प्रताप सिंह, पेशकार बालकराम पर कार्रवाई एलडीए खुद करेगा।
विज्ञापन

जिला प्रशासन, पर्यटन की भूमिका पर भी उठे सवाल
जांच रिपोर्ट में जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठे थे। इनके दोषियों पर कोई कार्रवाई शुरू नहीं हो सकी है। जिला प्रशासन ने एसएसजे इंटरनेशनल के लिए सराय एक्ट में लाइसेंस की अनुमति देने को जरूरी अनापत्ति नहीं ली। वहीं, जिला पर्यटन अधिकारी ने बार लाइसेंस की संस्तुति होटल की हकीकत पता कर नहीं की। बार तक पहुंचने के लिए सही रास्ता और पार्किंग की जगह तक नहीं थी। विराट इंटरनेशनल के लिए पूर्व में होटल रेस्ट के नाम से सराय एक्ट में लाइसेंस के लिए आवेदन हुआ, लेकिन इसे निरस्त करने और इसकी सूचना आवेदक को देने की जहमत ही नहीं उठाई गई। लापरवाही के लिए जिला प्रशासन से नायब नाजिर मुंशरिफ रमेश सोनी, योगेश कुमार, रमेश सिंह और तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट विनोद कुमार और तत्कालीन जिला पर्यटन अधिकारी राजेंद्र प्रसाद यादव को दोषी पाया गया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें