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आशियाने का नक्शा होगा अब आसानी से पास

Fri, 13 Sep 2013 12:32 AM IST
शैलेंद्र श्रीवास्तव/लखनऊ
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मकान बनाने के लिए लोगों को अब नक्शा पास कराने के लिए ज्यादा झिकझिक नहीं करनी पड़ेगी।
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विकास प्राधिकरण हो या फिर आवास विकास परिषद, वे आसानी से नक्शा पास करेंगे। यही नहीं, नक्शा पास करने के एवज में मनमाने तरीके से लिए जाने वाले शुल्क से भी लोगों को राहत देने की तैयारी है।

कंसल्टेंट और विकास प्राधिकरणों से मिले प्रस्ताव के आधार पर आवास विभाग शीघ्र ही निर्णय लेने वाला है।

शहरी क्षेत्र में लोगों को मकान बनाने के लिए विकास प्राधिकरण या आवास विकास परिषद से नक्शा पास कराना होता है। इसके लिए उन्हें आर्किटेक्ट से नक्शा बनवाते हुए संबंधित अथॉरिटी में जमा करना होता है।
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इसके बाद संबंधित क्षेत्र का अभियंता मौका मुआयना कर अपनी रिपोर्ट लगाता है। इस रिपोर्ट के आधार पर जमीन मालिक को मलबा शुल्क समेत अन्य शुल्क जमा करने होते हैं। कई बार तो अभियंता इतना शुल्क लगा देता है कि लोग नक्शा पास कराने से ही कतराने लगते हैं।

आवास विभाग ने विकास प्राधिकरणों से शुल्क संशोधन संबंधी प्रस्ताव मांगा था। इनके उपाध्यक्षों को निर्देश दिया गया था कि इसके लिए कंसल्टेंट रखते हुए अलग-अलग प्रस्ताव भेजा जाए।

प्राधिकरणों ने इसके आधार पर प्रस्ताव भेज दिया है। इसमें गाजियाबाद में कंसल्टेंट ने 2200 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से वाह्य और नगरीय विकास शुल्क का सुझाव दिया है तो प्राधिकरण ने 2790 रुपये के हिसाब से वसूली का प्रस्ताव दिया है। ट्रांस हिंडन क्षेत्र में 154 रुपये अतिरिक्त लिए जाने की बात कही गई है।

किस शहर के लिए क्या सुझाव
आगरा, कानपुर, मेरठ और लखनऊ में कंसल्टेंट ने वाह्य और नगरीय विकास शुल्क 1550 रुपये तथा प्राधिकरण ने 1295 व 1000 रुपये की दर से वसूली का सुझाव दिया है।

इलाहाबाद, हापुड़, पिलखुआ, बुलंदशहर, अलीगढ़, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, फीरोजाबाद, वाराणसी, बागपत, खुर्जा, गोरखपुर, मथुरा, बरेली, झांसी व सहारनपुर में कंसल्टेंट ने 1225 तो प्राधिकरण ने 700 रुपये का सुझाव दिया है।
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उरई, उन्नाव, बांदा, रामपुर, रायबरेली, आजमगढ़ और फैजाबाद में कंसल्टेंट ने 900 रुपये के हिसाब से शुल्क लेने का सुझाव दिया है। इन प्राधिकरणों ने कोई सुझाव नहीं दिया है। अन्य विकास प्राधिकरणों के लिए भी ऐसे ही सुझाव दिए गए हैं।
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