लखनऊ। सुल्तानपुर रोड स्थित आईटी सिटी योजना के लिए अब 300 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। लैंडपूलिंग के तहत करीब एक साल से जमीन देने का मौका मिलने के बावजूद जिन किसानों ने अपनी जमीन नहीं दी, उनकी जमीन अधिग्रहित करने के लिए एलडीए ने जिलाधिकारी को प्रस्ताव भेज दिया है। डीएम की हरी झंडी मिलते ही अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
सुल्तानपुर रोड पर एलडीए लैंडपूलिंग के तहत करीब 1054 हेक्टेयर में आईटी योजना विकसित कर रहा है। अब तक करीब 500 हेक्टेयर जमीन लैंडपूलिंग के जरिये जुटाई जा चुकी है। इसमें जमीन देने वाले किसानों को 25 प्रतिशत विकसित जमीन दी जा रही है और लोगों को प्लॉट आवंटित भी किए जा रहे हैं। इसके बावजूद करीब 300 हेक्टेयर निजी जमीन अभी लैंडपूलिंग के तहत एलडीए को नहीं मिल सकी है। योजना में शामिल करीब 200 हेक्टेयर जमीन ग्राम समाज की है। इसे एलडीए शासन से कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद लेगा।
ग्रामीण जमीन पर चार गुना, शहरी पर दो गुना मुआवजा एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि अधिग्रहण के नियमों के तहत ग्रामीण क्षेत्र में आने वाली जमीन के लिए डीएम सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा दिया जाएगा। वहीं, शहरी क्षेत्र में आने वाली जमीन के लिए सर्किल रेट का दो गुना मुआवजा मिलेगा। योजना में शामिल दो-तीन गांवों का कुछ हिस्सा शहरी क्षेत्र में आता है।
ये गांव योजना में शामिल
बक्कास, सिकंदरपुर अमोलिया, सिद्धपुरा, परेहटा, रकीबाबाद, मोहारी खुर्द, मोहारी कला, खुजौली, भटवारा, सोनई कंजेहरा और पहाड़ नगर टिकरिया योजना में शामिल हैं।
वीसी एलडीए, प्रथमेश कुमार के अनुसार, लैंडपूलिंग के तहत जमीन देने का काफी मौका किसानों को दिया जा चुका है। इस योजना में किसानों को अधिग्रहण की तुलना में कई गुना अधिक फायदा है। इसके बाद भी जिन लोगों ने जमीन नहीं दी, अब उनकी जमीन अधिग्रहित की जाएगी क्योंकि लैंडपूलिंग लागू किए काफी समय हो गया है।