फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ओटीएस के आवेदनों के निस्तारण में एलडीए फिसड्डी

विज्ञापन
विज्ञापन
एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) के आवेदनों के निस्तारण में लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) प्रदेश में सबसे फिसड्डी है। शासन की रिपोर्ट के अनुसार, ओटीएस में सबसे अधिक 873 प्रकरण एलडीए में लंबित हैं। कुछ प्रकरण तो ऐसे हैं, जिनमें एलडीए में आवेदकों की फाइलें ही नहीं मिल रही हैं। अब इन्हें तलाशना या डुप्लीकेट फाइल खोलने का तरीका भी प्राधिकरण को निकालना होगा।
विज्ञापन

शासन की रिपोर्ट के मुताबिक, 100 से अधिक लंबित प्रकरण वाले पांच प्राधिकरण हैं। इनमें चार विकास प्राधिकरण सहित यूपी आवास एवं विकास परिषद भी शामिल हैं। इनमें सबसे ऊपर लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) है। जहां सबसे अधिक 873 आवेदन लंबित हैं। यह उस समय है जबकि 31 दिसंबर को योजना खत्म हो चुकी है। 404 लंबित प्रकरण के साथ मेरठ विकास प्राधिकरण दूसरे नंबर पर है। यानी, दूसरे सबसे अधिक लंबित प्रकरण वाले प्राधिकरण से भी एलडीए में दोगुने से अधिक मामले ऐसे हैं जिनमें आवंटियों को अभी तक यह नहीं बताया जा सका है कि उनको कितना पैसा जमा करना है। एलडीए के अधिकारियों के मुताबिक, एक चौथाई से अधिक आवेदन तो दो महीने से भी अधिक पुराने हैं। इसकी वजह यह है कि जिन संपत्तियों के लिए आवेदन किए गए, उनकी फाइलें रिकॉर्ड में नहीं हैं।
एक तिहाई आवेदन की गणना नहीं
एलडीए में कुल 2550 आवेदन आए हैं। इनमें से 873 आवेदकों के आवेदन निस्तारित करने के लिए गणना नहीं हुई है। अब आवास विभाग ने अधिकारियों से तुरंत इन प्रकरण का निस्तारण कर रिपोर्ट मांगी है।
विज्ञापन

कहां कितने लंबित ओटीएस आवेदन
लखनऊ विकास प्राधिकरण - 873
मेरठ विकास प्राधिकरण - 404
यूपी आवास एवं विकास परिषद - 233
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण - 134
आगरा विकास प्राधिकरण - 124
जिन्होंने नहीं किया आवेदन, अब उनका क्या?
एलडीए में डिफॉल्टर्स की सूची में 4250 आवंटी शामिल हैं। अभी भी इनमें से करीब 1700 आवंटियों ने आवेदन ही नहीं किए। ऐसे में एलडीए को यह भी तय करना है कि इन आवंटियों के पास मौजूद संपत्तियों पर क्या फैसला लिया जाए। शासनादेश में ऐसे आवंटियों पर कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया गया है।
अब वीसी ने मांगी रिपोर्ट
ओटीएस में लंबित प्रकरण के निस्तारण में धीमी गति पर अब वीसी अभिषेक प्रकाश ने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। सभी आवेदनों का निस्तारण तुरंत कराने के लिए कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें