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Lucknow News: एलडीए ने एनसीएलटी में पेश किया सुशांत गोल्फ सिटी टेकओवर करने का दावा

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सुशांत गोल्फ सिटी हाईटेक टाउनशिप।
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लखनऊ। अंसल एपीआई की शहीद पथ स्थित सुशांत गोल्फ सिटी हाईटेक टाउनशिप से जुड़े मामले की सुनवाई बुधवार को राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) में नहीं हो सकी। अब मामले की अगली सुनवाई 15 अक्तूबर को होगी। इस मामले से अंसल कॉलोनी के करीब पांच हजार आवंटियों के हित जुड़े हैं।
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वहीं, एलडीए ने टाउनशिप को टेकओवर करने के लिए एनसीएलटी में दावा ऑनलाइन पेश कर दिया है, लेकिन केस नंबर जारी नहीं होने के कारण बुधवार को सुनवाई नहीं हो सकी। आवंटी और निवेशक गगन टंडन ने बताया कि केस का नंबर न आने से लगातार तारीखें मिल रही हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो पा रही है।
बीती सात जनवरी को राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने अंसल मामले में आदेश दिया था कि आवंटियों को एनसीएलटी के समक्ष अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाए। एनसीएलटी को भी आवंटियों की बात सुनने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद आवंटियों ने एनसीएलटी में अपील की। पहली तारीख 15 मई को लगी, लेकिन केस नंबर न आने से सुनवाई नहीं हो सकी। इसके बाद तीन जुलाई, 30 जुलाई, 19 अगस्त और 23 सितंबर को भी तारीख लगी, मगर सुनवाई नहीं हुई।
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टेकओवर प्रस्ताव भी अटका
एनसीएलटी में सुनवाई नहीं होने से एलडीए के टाउनशिप टेकओवर के प्रस्ताव पर भी आगे की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। अब इस पर 15 अक्तूबर के बाद ही सुनवाई होने की उम्मीद है। 15 सितंबर को प्रदेश कैबिनेट ने प्रस्ताव पास कर एलडीए को सुशांत गोल्फ सिटी टाउनशिप को टेकओवर करने के लिए एनसीएलटी में दावा पेश करने की मंजूरी दी थी। एलडीए दावा दाखिल कर चुका है। अब उसके पक्ष पर सुनवाई के लिए नोटिस जारी होने के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
यह है मामला
फरवरी 2025 में एनसीएलटी ने अंसल कंपनी को दिवालिया घोषित किया था। आवंटियों का आरोप था कि उन्हें सुने बिना यह फैसला किया गया। उनका कहना है कि एलडीए का पक्ष भी नहीं सुना गया, जबकि उसी ने अंसल को कॉलोनी विकसित करने का लाइसेंस दिया था। कंपनी के दिवालिया होने से करीब पांच हजार आवंटी प्रभावित हुए, जिन्होंने प्लॉट, मकान या फ्लैट के लिए भुगतान किया था, लेकिन उन्हें संपत्ति नहीं मिल सकी। इसके बाद आवंटी अपीलीय न्यायाधिकरण पहुंचे। करीब 10 महीने की सुनवाई के बाद आवंटियों का पक्ष सुनने के निर्देश दिए गए।
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