लखनऊ। हाईकोर्ट ने एलडीए के विहित प्राधिकारी को निर्देश दिया है कि पीजीआई के आसपास अतिक्रमण से जुड़े मामलों का निस्तारण दो माह के भीतर किया जाए। साथ ही अपर आयुक्त (प्रशासन) को भी लंबित अपीलों को इसी अवधि में तय करने का आदेश दिया गया है।
न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति राजीव भारती की खंडपीठ ने यह आदेश स्थानीय निवासी प्रेम शंकर पांडेय की 2018 में दाखिल जनहित याचिका पर दिया। याचिका में राजधानी के अस्पतालों, विशेषकर पीजीआई के मुख्य द्वार के आसपास के अतिक्रमण हटाने और एम्बुलेंस सहित आवश्यक वाहनों की आवाजाही सुचारु करने की मांग की गई थी।
सुनवाई के दौरान बताया गया कि पीजीआई परिसर के आसपास अब अतिक्रमण नहीं है और दूसरा गेट भी खोल दिया गया है। एलडीए के अधिवक्ता ने जानकारी दी कि कुछ दुकानदारों के मामले विहित प्राधिकारी के समक्ष लंबित हैं। कोर्ट ने सभी लंबित मामलों को दो माह में निपटाने के निर्देश देते हुए याचिका निस्तारित कर दी।