आखिरकार 40 साल बाद एलडीए महिला भू-माफिया के कब्जे से अलीगंज की अपनी करोड़ों की 50 हजार वर्ग फीट कॉमर्शियल जमीन छुड़ा पाया। शनिवार को जिला प्रशासन और पुलिस की टीम के साथ चलाए गए अभियान का भारी विरोध हुआ।
कब्जेदार हंगामा करते हुए जेसीबी के आगे लेट गए, लेकिन उनकी एक न चली। पुलिस ने लाठीचार्ज कर उन्हें खदेड़ा और भू-माफिया, महिला किसान नेता सहित नौ लोगों को गिरफ्तार किया।
इसके बाद यहां बसाईं 50 से अधिक झोपड़ियों को ध्वस्त कराया गया। अब यहां 104 आवंटियों को उनके प्लाट पर कब्जा मिलेगा। इससे पहले भी एलडीए ने यहां कई बार अभियान चलाया, पर बाद में फिर कब्जा हो गया।
अलीगंज में पुराना हनुमान मंदिर के पास एलडीए की करीब 50 हजार वर्ग फीट कॉमर्शियल जमीन है। इस पर हाजरा खातून नाम की महिला ने कब्जा कर रखा था। यहां झुग्गी-झोपड़ी वालों को बसाकर वह उनसे किराया वसूलती थी।
एलडीए ने इससे पहले कई बार कोशिश की, लेकिन विरोध के चलते जमीन को खाली नहीं कराया जा सका था। इसे देखते हुए एलडीए ने शनिवार को कार्रवाई के लिए बड़े पैमाने पर तैयारी की।
इस दौरान जिला प्रशासन से लेकर पुलिस के अफसर, एलडीए के दस्ते के साथ दो संयुक्त सचिव भी मौजूद रहे। निगम की टीम दोपहर में कब्जा हटाने पहुंची तो फिर विरोध शुरू हो गया।
हाजरा खातून के बेटे-बहू ने बवाल शुरू कर दिया। जानकारी के बाद किसान नेता सावित्री सिंह पहुंच गईं। उनके समर्थक भी आ गए और हंगामा करते हुए जेसीबी केआगे लेट गए।
इसके बाद दस्ते से धक्का-मुक्की शुरू हो गई। यह देख पुलिस ने लाठीचार्ज किया और हंगामा करने वालों को पकड़कर पीटा। इसके बाद भी जब वे नहीं माने तो हाजरा, सावित्री समेत नौ लोगों को गिरफ्तार कर लिया।