डीएम ने निर्देश दिया कि पूर्व में जिन अवैध कब्जेदारों को भू-माफिया घोषित किया था, उनके खिलाफ कार्रवाई में तेजी लाई जाए। सभी विभाग अवैध कब्जेदारी में फंसी सरकारी स्वामित्व की जमीन चिह्नित कर कब्जा हटाने की कार्रवाई की विडियो क्लीपिंग या फोटोग्राफी कर स्थलीय सत्यापन रिपोर्ट सीधे डीएम कार्यालय 20 नवंबर तक सौंपे।
इसके आधार पर दीपावली बाद होने वाली जिला स्तरीय बैठक में चिह्नित भू-माफियाओं के नाम की नई सूची को कार्रवाई के लिए जारी किया जाएगा। इसमें शिथिलता बरतने वालों के खिलाफ सीधे शासन से कार्रवाई की संस्तुति होगी। डीएम ने आउट रिंग रोड प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य में तेजी लाने को जमीन का अधिग्रहण मुआवजा निस्तारित कर करने का निर्देश भी एडीएम एलए व संबंधित एसडीएम को दिया।
सीएम के निर्देश पर गठित एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स की जिला स्तरीय कमेटी ने अगस्त 2017 में डीएम व एसएसपी के संयुक्त हस्ताक्षर से चिह्नित भू-माफियाओं के नाम की पहली सूची प्रकाशित की थी। इसमें एक से अधिक जगह पर सरकारी स्वामित्व की खाली जमीन को हथियाने वाले बिल्डर व प्रापर्टी डीलिंग से जुड़े संचालकों के नाम थे। सूची घोषित होने के एक साल से ज्यादा का समय बीतने के बावजूद अधिकारियों ने ढिलाई बरती। इस कारण न तो सूची में नए नाम जुड़वाएं जा सके और न ही घोषित भू-माफियाओं के खिलाफ गुंडा एक्ट संग रिकवरी की कार्रवाई शुरू हो सकी।