एलडीए के फ्लैट निजी रियल एस्टेट की तुलना में पहले ही 20 से 25 प्रतिशत तक महंगे बिक ते हैं। इसके बाद अब 12 प्रतिशत जीएसटी लगने की वजह से इनकी कीमत और अधिक बढ़ गई है। एलडीए के ‘पहले आओ पहले पाओ’ योजना में अधिकतर फ्लैटों पर 12 प्रतिशत जीएसटी लग रहा है। इससे कीमत दो लाख रु पये से लेकर सात लाख रुपये तक बढ़ जा रही है। जो फ्लैट नहीं बिक पाए, उनकी कीमत 28 लाख रुपये से लेकर 1.34 करोड़ रुपये तक है।
एलडीए के एक अधिकारी ने बताया कि ‘पहले आओ-पहले पाओ योजना’ एक नया ट्रेंड सामने आया है। विशेष काउंटर पर आने वाले ग्राहकों की डिमांड सिर्फ गोमतीनगर या गोमतीनगर विस्तार इलाके की ही रही। यहां फ्लैट के लिए लोग अधिक कीमत भी चुकाने के लिए तैयार हैं। यही वजह रही कि सरयू अपार्टमेंट में महंगे होने के बाद भी फ्लैट तुरंत बिक गए।
इसकी वजह यह भी हो सकती है कि सबसे अधिक विकास शहर में इसी इलाके में हुआ है। अब ग्राहक दूसरी योजनाओं में फ्लैट खरीदना ही नहीं चाहते। दूसरी योजनाओं में जो ग्राहक लेने केलिए तैयार हुए। उन्हें 15 लाख रुपये से कम बजट में फ्लैट चाहिए। यही वजह रही कि सरगम, सोपान, जनेश्वर एंक्लेव जैसे बेहतर प्रोजेक्ट की जगह लोगों ने 12.60 लाख रुपये की कीमत के अफॉर्डेबल फ्लैटों को चुना।
सरगम अपार्टमेंट-जानकीपुरम योजना, सोपान एंक्लेव-प्रियदर्शिनी योजना, मृगशिरा-मानसरोवर योजना, श्रवण अपार्टमेंट-सेक्टर ई आशियाना, जनेश्वर एंक्लेव-जानकीपुरम, आद्रा अपार्टमेंट-शारदानगर योजना, फाल्गुनी अपार्टमेंट-मानसरोवर योजना, पूर्वा अपार्टमेंट-सेक्टर एच आशियाना।