लखनऊ। कुर्सी रोड पर एलडीए की जमीन पर बने निजी अस्पताल में पिछले 14 साल से साठगांठ का खेल चालू है। 14 साल में निजी अस्पताल का अवैध निर्माण को तोड़ने के लिए एलडीए से तीन बार आदेश हो चुका है, लेकिन, इसके बाद भी कार्रवाई शून्य ही है। अब एलडीए अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल का संचालन बंद कराने के बाद ही इसे तोड़ने की कार्रवाई हो सकती है।
एलडीए के रिकॉर्ड के मुताबिक सेंट मैरी पॉलीक्लीनिक का अवैध निर्माण तोड़ने के लिए पहली बार आदेश पांच सितंबर 2008 को हुआ। अवैध निर्माण होने पर 2007 में हुए नोटिस पर यह आदेश हुआ। दूसरा ध्वस्तीकरण आदेश नौ अक्तूबर 2018 को हुआ। इस आदेश को अवैध निर्माण के चलते 2017 में नया नोटिस के आधार पर किया गया। अवैध निर्माण ही तोड़ने के लिए अब एक और नया आदेश नया नोटिस जारी कर छह अक्तूबर 2021 को किया गया। इस नोटिस पर सील की कार्रवाई भी एलडीए कर चुका है, लेकिन सील के तुरंत बाद ही निर्माण फिर से चालू हो गया, जिसे एलडीए कथित रूप से पुलिस का सहयोग नहीं मिल पाने की वजह से रुकवा नहीं पाया।
बिना नक्शा निर्माण चालू
एलडीए के अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल के निर्माण के लिए कोई मानचित्र स्वीकृत नहीं किया गया है। ऐसा एलडीए द्वारा इस जमीन के अर्जित होने की वजह से है। इसके बाद भी लगातार निर्माण चालू होने में एलडीए के ही अधिकारी और इंजीनियरों के सामने शामिल होने की बात सामने आ रही है।
अस्पताल बंद करा तोड़ा जाएगा निर्माण
नोडल अधिकारी रामशंकर का कहना है कि वीसी के निर्देश पर सीएमओ को अस्पताल का पंजीकरण खत्म करने के लिए पत्र भेजा गया है। इसके लिए रिमाइंडर भी भेजा जा रहा है, जिससे जल्दी आदेश हो सके। अस्पताल का संचालन बंद करा अवैध निर्माण तोड़ने की कार्रवाई होगी। तीन आदेश भी इसलिए जारी हो गए। क्योंकि, हर बार अस्पताल परिसर में नया निर्माण किया गया। कोई वाद या ध्वस्तीकरण आदेश वापस नहीं लिया गया है।