सहारा की जमीन पर एलडीए बसा सकता है आवासीय योजना
सहारा की 2052 एकड़ में प्रस्तावित हाईटेक टाउनशिप की जमीन पर एलडीए अब अपनी आवासीय योजना लॉन्च कर सकता है।
इसके लिए काम भी शुरू कर दिया गया है। वहीं, अगली बोर्ड बैठक में सुल्तानपुर रोड पर अधिग्रहण के लिए संभावित जमीन पर आवासीय योजना का प्रस्ताव भी प्राधिकरण रखेगा।
सीजी सिटी के पास मौजूद इस जमीन को अपार संभावनाओं के रूप में एलडीए देख रहा है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 13 अगस्त को लोकभवन में हुई उच्च स्तरीय बैठक में सहारा इंडिया कॉमर्शियल कॉर्पोरेशन की हाईटेक टाउनशिप का लाइसेंस निरस्त होने के बाद करीब 14 साल पहले चिह्नित हुई जमीन खाली हुई है।
एलडीए के 23 अगस्त 2018 को भेजे गए पत्र के आधार पर ही यह फैसला प्रदेश सरकार ने लिया है।
एलडीए ने सरकार के सामने तथ्य रखे थे कि लंबे समय के बाद भी यहां विकास कार्य बिल्डर कंपनी ने शुरू नहीं किए। इससे पूरे क्षेत्र का विकास बाधित हो रहा है।
उच्चस्तरीय समिति ने इन तथ्यों को सही मानते हुए हाईटेक टाउनशिप के विकास के लिए चयन को निरस्त करने का फैसला दिया है। इसके लिए कार्यवृत्त जारी कर एलडीए को अगली कार्रवाई के लिए शुक्रवार को निर्देश भी आवास विभाग ने दे दिए हैं।
2005 में 1784 व 2016 में 2052 एकड़
एलडीए के रिकॉर्ड के मुताबिक सहारा इंडिया को वर्ष 2005 में 1784 एकड़ की हाईटेक टाउनशिप के विकास के लिए चुना गया। इसके लिए एलडीए के साथ 13 दिसंबर 2005 को एमओयू भी हुआ। 2016 में 2052 एकड़ के लिए दोबारा से संशोधित एमओयू हुआ। हालांकि, अभी तक बिल्डर कंपनी ने केवल 128 एकड़ ही जमीन खरीदी है। पहले चरण का ले-आउट भी स्वीकृत कराने के लिए समानुपातिक रूप से 200 एकड़ जमीन बिल्डर के पास होनी चाहिए थी। ऐसे में न बिल्डर का कोई ले-आउट यहां स्वीकृत हुआ, न किसी और के भी मानचित्र यहां प्रस्तावित हाईटेक टाउनशिप की वजह से स्वीकृत हो पा रहे थे।
एक साल पहले के पत्र ने कराया फैसला
23 अगस्त 2018 को वीसी के निर्देश पर हाईटेक-इंटीग्रेटेड सेल के प्रभारी भूपेंद्र बीर सिंह की रिपोर्ट के साथ एलडीए सचिव मंगला प्रसाद सिंह ने एक पत्र आवास विभाग को भेजा था। इसमें एलडीए ने आवास विभाग को अपनी रिपोर्ट भेजी। एलडीए ने इस पत्र में सीधे तौर पर बिल्डर कंपनी के हाईटेक टाउनशिप का विकास करने में इच्छुक नहीं दिखने की सूचना देते हुए लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की। इसमें बताया गया कि 2016 में अनुबंध के बाद अभी तक डीपीआर तक विकासकर्ता की ओर से जमा नहीं की गई। यह डीपीआर छह महीने में एलडीए में जमा होनी चाहिए थी। सहारा ने पहले अनुबंध के 12 साल और दूसरे अनुबंध के दो साल बाद तक डीपीआर विकास प्राधिकरण को नहीं दी है। प्रश्नगत क्षेत्र के सुनियोजित विकास को सुनिश्चित करने के लिए प्रस्तावित हाईटेक टाउनशिप निरस्त करने की कार्रवाई जरूरी बताई गई।
वर्ष 2017 में दिया गया नोटिस
एलडीए के हाईटेक-इंटीग्रेटिड टाउनशिप सेल के तत्कालीन अधिशासी अभियंता आरडी वर्मा ने एक नोटिस भी सहारा बिल्डर को 2017 में भेजा था। इसमें उससे 180 दिन के बाद भी डीपीआर नहीं देने पर आपत्ति की गई। कहा गया कि जल्द डीपीआर एलडीए को दी जाए।
हाईफाई सुविधाओं के साथ बनी योजना
हाईटेक टाउनशिप में सहारा ने एक यूनिवर्सिटी तक बनाने पर काम शुरू किया था। इसके लिए प्रस्ताव बन चुका था। यूनिवर्सिटी, इनडोर स्टेडियम, ग्रीनकवर, लग्जरी सुविधाएं जैसे जिम्नेजियम, क्लब हाउस, स्वीमिंग पूल जैसी सुविधाओं के साथ ग्राहकों को टाउनशिप में विला, फ्लैट और भूखंड बेचने की तैयारी थी।
विकास को मिलेगी नई दिशा
वीसी, एलडीए, प्रभु एन सिंह ने बताया कि सहारा की हाईटेक टाउनशिप के चयन को निरस्त करने का फैसला उच्च स्तरीय समिति ने किया है। आगे की कार्रवाई के लिए निर्देश और बैठक का कार्यवृत्त मिल गया है। अब एलडीए टाउनशिप के लिए चिह्नित जमीन पर अपनी आवासीय योजना शुरू करने की संभावना तलाश रहा है। अगली बोर्ड बैठक में इसे लेकर प्रस्ताव रखा जाएगा। सुल्तानपुर रोड पर मौजूद इस जमीन में विकास की बहुत संभावनाएं हैं। इससे लखनऊ के विकास को भी नई दिशा मिलेगी।