भाजपा ने प्रदेश की खराब होती कानून-व्यवस्था और मुजफ्फरनगर में हुए दंगे के खिलाफ मंगलवार को राज्यपाल बीएल जोशी को ज्ञापन दिया।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि अखिलेश सरकार कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर पूरी तरह पंगु हो चुकी है।
डीजीपी, एडीजी लॉ एंड आर्डर और आईजी लॉ एंड आर्डर की उपस्थिति में मुजफ्फरनगर में मजहबी दंगा होना इस बात का प्रमाण है।
उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मजहबी दंगों का दोष भाजपा व उनके नेताओं पर मढ़ने से स्थिति सुधरने वाली नहीं है।
राज्यपाल को ज्ञापन देकर प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर हस्तक्षेप की मांग की गई है। वाजपेयी ने कहा कि पंचायत में जाने पर प्रशासन ने कोई रोक नहीं लगाई थी।
सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं किया गया। दंगा भड़कने पर बिना तथ्य और भाषणों की जांच किए भाजपा नेताओं पर फर्जी मुकदमे कायम कर दिए गए। भाजपा इससे डरने वाली नही है। बहुसंख्यक वर्ग के साथ सौतेला व्यवहार भाजपा बर्दाश्त नहीं करेगी।
उन्होंने कहा, उप्र दूसरा गुजरात बने इसका प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेसी नेता मधुसूदन मिस्त्री के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि हां भाजपा उप्र को गुजरात बनाना चाहती है। हम गुजरात का विकास मॉडल यहां लागू कराना चाहते हैं।
राज्यपाल से मिलकर ज्ञापन देने वालों में लालजी टंडन, कलराज मिश्र, विनय कटियार, डॉ. रमापतिराम त्रिपाठी, सूर्य प्रताप शाही, नेपाल सिंह, सतीश महाना, स्वतंत्र देव सिंह, पंकज सिंह, देवेंद्र सिंह चौहान, रामनाथ कोविद आदि शामिल थे।