सरकारी आयोजनों में हिंदू प्रतीकों की उपेक्षा हिंदू संगठनों को अखर गया है। तमाम मामलों की न्यायालय में लड़ाई लड़ने वाले ‘हिदू फ्रंट फॉर जस्टिस’ ने सरकार पर तुष्टीकरण का आरोप लगाते हुए लखनऊ महोत्सव के पहले दिन 25 नवंबर को ‘वीरवर लक्ष्मण दिवस’ मनाने का ऐलान कर दिया है।
संगठन के संरक्षक हरिशंकर जैन व महासचिव रंजना अग्निहोत्री ने शनिवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों को यह जानकारी दी। यह संगठन इस बात से नाराज है कि लखनऊ महोत्सव से लेकर दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला व अन्य सरकारी आयोजनों में रूमी गेट, इमामबाड़ा व भूलभुलैया को लखनऊ की पहचान से जोड़कर पेश किया जा रहा है।
संगठन के नेताओं का कहना है कि लखनऊ की पहचान इसकी स्थापना करने वाले वीरवर लक्ष्मण से है न कि नवाबों की बनवाई इमारतों से।
ऐसे में सरकारी स्तर पर हिंदू धरोहर व संस्कृति की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जा सकती। संगठन ने तय किया है कि लखनऊ महोत्सव के पहले दिन वीरवर लक्ष्मण दिवस मनाया जाएगा।
महोत्सव में हिंदू प्रतीकों से जुड़े मामले में दायर याचिका पर 17 नवंबर को सुनवाई भी होनी है। वहीं, रंजना ने कहा लव जेहाद की शिकार लड़कियों की संगठन मदद करेगा।