पुलिस प्रशासन द्वारा उत्पीड़न का आरोप लगा और अधिवक्ता श्रवण वर्मा के हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर लखनऊ बार व सेंट्रल बार एसोसिएशन के संयुक्त बैनर तले अधिवक्ताओं ने बुधवार को न्यायिक कार्यों का बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान आक्रोशित वकीलों ने कलेक्ट्रेट सहित निबंधन व स्टांप, तहसील कार्यालयों में कामकाज जबरन बंद करा प्रशासन विरोधी नारेबाजी की।
वकीलों के कार्य बहिष्कार के चलते सिविल व दीवानी न्यायालयों में वादों की सुनवाई न हो पाने से वादकारी भटकते रहे। प्रशासन द्वारा वकीलों के आंदोलन से निपटने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर से लेकर सिविल कोर्ट तक पर्याप्त पुलिस बल व मजिस्ट्रेटों की तैनाती से कहीं भी टकराव की स्थिति पैदा नहीं हुई।
दोपहर बाद आंदोलन की आगे की रणनीति तय करने को लखनऊ बार व सेंट्रल बार एसोसिएशन की अगुवाई में वकीलों की बैठकें भी हुईं। राजेंद्र प्रसाद शुक्ला की अध्यक्षता व जितेंद्र सिंह यादव के संचालन में हुई लखनऊ बार एसोसिएशन की बैठक में मांगों के समर्थन में गुरुवार 14 जुलाई को भी जिले के सभी न्यायालयों में न्यायिक कार्य के बहिष्कार का एलान किया गया।
अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री से मिलकर वकीलों पर बढ़ती उत्पीड़न की कार्रवाई को रोकने के संबंध में एक ज्ञापन प्रस्तुत करेगा। लखनऊ बार की बैठक में अवध बार एसोसिएशन, बोर्ड आफ रेवेन्यू बार एसोसिएशन, रॉयल बार एसोसिएशन पारिवारिक न्यायालय बार एसोसिएशन, बीकेटी व मोहनलालगंज तहसील बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रमुख तौर पर हिस्सेदारी की।