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बच्ची से रेप-हत्या में फूटा गुस्सा, हंगामा-प्रदर्शन, कचहरी में वकीलों ने आरोपी को पीटा

Tue, 17 Sep 2019 02:48 PM IST
लखनऊ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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crime - फोटो : amar ujala
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सआदतगंज निवासी छह साल की मासूम बच्ची से दरिंदगी और हत्या के आरोपी बबलू के खिलाफ सोमवार को जबरदस्त आक्रोश दिखा। गुस्साए लोग आरोपी को खुद सजा देने की मांग कर रहे थे। लोगों ने दरिंदे बबलू को सौंपने की मांग की। पुलिसकर्मियों ने समझाया तो उग्र हो गए। पुलिस किसी तरह दरिंदे को भीड़ से बचाते हुए कोर्ट ले गई। हालांकि, वहां वकीलों ने दरिंदे को घेर लिया और उसकी जमकर पिटाई की। किसी तरह वकीलों को शांत कराकर दरिंदे बबलू को कोर्ट में पेश किया गया। इस बीच वजीरबाग पुलिया से दरगाह हजरत अब्बास रोड और आसपास के करीब सवा किलोमीटर इलाके को छावनी बना दिया गया। तनाव और बवाल की आशंका से चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात रही। पोस्टमार्टम के बाद मासूम के शव को घर न ले जाकर अंबरगंज के पार्षद अहसन के घर से ही सुपुर्द-ए-खाक के लिए खन्ना की तकिया कब्रिस्तान ले जाया गया।

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मासूम बच्ची के साथ रविवार शाम हुई जघन्य वारदात के बाद से ही इलाके में तनाव और आक्रोश के चलते भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। सोमवार सुबह बच्ची और आरोपी के घर तथा पोस्टमार्टम हाउस पर एकत्र हजारों लोगों ने आसपास मौजूद पुलिसकर्मियों से बबलू को उन्हें सौंपने के लिए कहा। इलाकाई लोगों ने बच्ची के परिवारीजनों को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने और दरिंदे को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की। दोपहर करीब एक बजे भीड़ से बचते-बचाते पुलिस दरिंदे बबलू को कचहरी लेकर पहुंची जहां वकीलों ने घेर लिया। वकीलों ने दरिंदे को खींच लिया और लात-घूसों व थप्पड़ों की बरसात कर दी। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह उसे वकीलों से छुड़ाया। इस दौरान वकीलों की पुलिसकर्मियों से भी धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने दरिंदे को कोर्ट में पेश कर जेल में दाखिल करा दिया है।

उधर, दोपहर करीब दो बजे पोस्टमार्टम के बाद पुलिस की निगरानी में मासूम का शव पार्षद के घर ले जाया गया। वहां अंतिम रस्मों के बाद दोपहर करीब तीन बजे खन्ना की तकिया कब्रिस्तान में मासूम को दफना दिया गया। इस बीच पुलिस ने दरिंदे के घर से मासूम के कत्ल में इस्तेमाल खून से सना चाकू, एक हथौड़ा, एक लाल रंग की टी-शर्ट, एक रंगीन तौलिया और एक नीले रंग की जींस बरामद की है। इंस्पेक्टर महेश पाल सिंह ने बताया कि बरामद सबूतों को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
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संवेदनशील माहौल में सवा किमी. इलाके में आम आवाजाही रोकी
बच्ची की मौत को लेकर बवाल की आशंका से पूरे इलाके को छावनी बना दिया गया था। वजीरबाग पुलिया, चौपटिया और दरगाह हजरत अब्बास रोड पर बैरीकेडिंग व लोहे की बेंच लगाकर रास्ते बंद कर दिए गए थे। गढ़ैया से तोप दरवाजा और वजीरबाग चरही तक आम आवाजाही रोक दी गई। सुपुर्द-ए-खाक करने के बाद शाम को इन रास्तों को खोला गया।

दरिंदे ने बुरी तरह मारा, माथे-आंख पर कई चोटें, गला भी दबाया
बच्ची की पोस्टमार्टम रिपोर्ट बता रही है कि उसके साथ दरिंदगी की गई थी। उसके माथे और दायीं आंख की भौहों के पास चोट के निशान थे। गले में करीब 6.50 सेंटीमीटर गहरा घाव था। निजी अंगों से भी खून निकल रहा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि बच्ची को मौत के घाट उतारने से पहले दरिंदे ने उसका गला दबाया था। इंस्पेक्टर ने बताया कि पोस्टमार्टम चार चिकित्सकों के पैनल ने किया, जिसमें दो महिला चिकित्सक व एक फोरेंसिक विशेषज्ञ शामिल थे। दुष्कर्म व डीएनए मिलान समेत अन्य जांचों के लिए बच्ची के स्वॉब व अन्य नमूने एकत्र किए गए हैं। इन नमूनों को विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा। आरोपी के घर से बरामद हत्या में इस्तेमाल चाकू, मौके पर मिला हथौड़ा और कपड़ों समेत अन्य सैंपल की भी जांच कराई जाएगी।

दरिंदे को सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाएंगे केस
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि आरोपी बबलू को सजा दिलाने के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए एएसपी पश्चिम विकास चंद्र त्रिपाठी को उन्होंने केस फास्ट ट्रैक कोर्ट में लगवाने और सख्त सजा की पैरवी करने की जिम्मेदारी दी है।

पौन घंटे में की वारदात
बच्ची के पिता ने बताया कि शाम करीब पांच बजे तक बबलू उनके साथ ही था। दरिंदे ने घर जाने की बात कही तो बच्ची के पिता ने उससे अपनी पत्नी से मोबाइल पर बात कराने के लिए कहा। बबलू उसके घर पहुंच गया। उस वक्त हलकी बारिश हो रही थी। घर के बाहर ही बच्ची खेल रही थी। दरिंदे ने उससे पानी मांगा तो बच्ची पड़ोसी के घर जाकर पानी ले आई। पानी पीने के बाद वह बच्ची को अपने साथ ले गया। बच्ची के जाने के पांच मिनट बाद ही उसकी मां ने बाहर झांका तो बेटी कहीं नजर नहीं आई। उन्होंने घर के बाहर बैठी मां से पूछा। इस पर नानी ने बबलू के साथ जाने की जानकारी दी। बच्ची की मां तुरंत पति को ढूंढते हुए तलहा की दुकान पहुंचीं। वहां पति को उन्होंने बेटी के गायब होने की खबर दी। सब मिलकर बबलू को तलाश करने लगे। करीब पौन घंटे बाद बबलू इलाके में ही घूमता हुआ मिल गया। शातिर दरिंदे को दबोचकर बच्ची के बारे में पूछा गया लेकिन उसने जानकारी से इनकार कर दिया। इस पर लोगों ने बबलू को छोड़ दिया और इधर-उधर बच्ची को ढूंढने लगे। कुछ पता न चलने पर पुलिस को सूचना दी। शाम करीब साढ़े छह बजे परिवारीजन और पुलिस बबलू के घर पहुंचे जहां बच्ची बेड के बॉक्स में लहूलुहान हालत में मिल गई।

आरोपी के परिवारीजन घर छोड़कर भागे
बबलू के परिवारीजन घर छोड़कर भाग गए हैं। पुलिस ने बताया कि मकान में ताला लगा दिया गया है। जिस कमरे में बच्ची से दरिंदगी और हत्या की वारदात हुई है, उसकी फोरेंसिक जांच कराने के लिए मकान बंद कर दिया गया है। बबलू की पत्नी व बच्चे मायके में हैं जबकि मां और भाई के बारे में किसी को जानकारी नहीं है।

रेप-हत्या के बाद बदले कपड़े, गांजा भरी सिगरेट पी, नशे में टहलता रहा
दरिंदे बबलू ने मासूम बच्ची से रेप और उसकी बेरहमी से हत्या के बाद अपने कपड़े बदले। पुलिस को बेड के बॉक्स में बिखरे खून के पास ही दरिंदे की लाल रंग की टी-शर्ट और नीले रंग की जींस मिली है। इंस्पेक्टर महेश पाल सिंह का कहना है कि वारदात के वक्त बबलू ने यही कपड़े पहने थे। कपड़ों में खून व अन्य दाग लगे हैं जिनकी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। कपड़े बदलने के बाद दरिंदे ने गांजा भरी सिगरेट सुलगाई। सिगरेट पीने के बाद वह नशे में बाहर निकल गया और इलाके में ही टहलता रहा। इस दौरान उसकी बच्ची के पिता से भी मुलाकात हुई थी। पुलिस को कमरे से गांजा की एक पुड़िया भी मिली है। इंस्पेक्टर ने बताया कि बबलू को जब गिरफ्तार किया गया तो वह बच्ची के बारे में जानकारी से साफ मुकर गया।

लाडली को आखिरी बार देख भी न सकीं मां
बच्ची के साथ हुई दरिंदगी से इलाके में शोक का माहौल था। सबसे खराब हालत मासूम बच्ची की मां की थी। लाडली की याद में रोते-रोते वह कई बार बेहोश हो गईं। वह अंतिम बार लाडली का चेहरा देखना चाहती थीं लेकिन परिवार के सदस्यों ने मना कर दिया। बच्ची के पिता का कहना था कि मासूम की हालत देखकर परिवार में कुछ और अनहोनी न हो जाए, इसलिए शव घर नहीं लाया गया।

पार्षद व दुकानदार ने की आर्थिक सहायता
गरीब ठेली चालक के परिवार का लोगों ने पूरा ख्याल रखा। पड़ोसियों ने खाने-पीने की जिम्मेदारी संभाल ली तो कुछ लोगों ने क्रियाकर्म में सहयोग किया। इस दौरान अंबरगंज के पार्षद अहसन, दुकानदार तलहा और पतंग विक्रेता अब्दुल हमीद ने बच्ची के घर पहुंचकर 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। बच्ची का पिता तलहा की दुकान से ही ठेली पर सामान लादता है।

मासूम से दरिंदगी में कोई और तो नहीं था साथ
मासूम के साथ दरिंदगी अकेले बबलू ने की या उसके घर पर कोई और भी साथ था? पुलिस इस बिंदु पर भी पड़ताल कर रही है। पुलिस का कहना है कि बबलू के कमरे से सभी साक्ष्य एकत्र कर लिए गए हैं। बच्ची के शरीर से भी स्वॉब व अन्य नमूने लिए गए हैं। डीएनए जांच में स्पष्ट होगा कि उससे दरिंदगी में बबलू अकेला शामिल था या कुछ और लोग भी थे। इलाकाई लोगों को यह भी शक है कि बबलू शराब और गांजे का नशा करता है। हो सकता है कि वह बच्ची को किसी और व्यक्ति के कहने पर अपने घर लाया हो।

तख्त नहीं बेड के बॉक्स में मिला था शव, सन्नाटा होने पर थी ठिकाने लगाने की तैयारी
मासूम बच्ची का शव तख्त के नीचे नहीं बल्कि बेड के बॉक्स में मिला था। इलाकाई लोगों ने बताया कि पुलिस जब दरिंदे बबलू के घर पहुंची और वहां मौजूद उसकी मां से बच्ची के बारे में पूछताछ की तो उन्होंने किसी भी जानकारी से इनकार कर दिया। पुलिस ने जब तलाशी शुरू की तो आरोपी की मां ने विरोध किया। उन्होंने कमरे में न जाने देने की कोशिश की। पुलिस कमरे में घुसी और बच्ची की तलाश शुरू की। बेड का गद्दा हटाकर बॉक्स खोला गया तो उसमें कूलर की घास लगाने वाली जालियां पड़ी नजर आईं। तलाशी लेने वाले लोग बेड के बॉक्स को बंद करने ही जा रहे थे कि एक कोने में बच्ची के मामा को उसके पैर का पंजा नजर आ गया। पंजा देखते ही वह चीखे और कूलर की जालियां हटाईं। नीचे खून से लथपथ बच्ची को देखकर सबके पैरों तले जमीन खिसक गई। पुलिस का कहना है कि दरिंदा बबलू रात को सन्नाटा होने पर शव को ठिकाने लगाने की तैयारी कर रहा था, इसलिए उसने शव छिपा दिया था।

जानिए क्या थी घटना
सआदतगंज इलाके में ठेली चालक की छह साल की बेटी रविवार शाम करीब चार बजे संदिग्ध हालात में लापता हो गई थी। परिवारीजनों ने खोजबीन शुरू की तो पता चला कि उसे बाबा हजारा बाग गढ़ी पीर खां निवासी बबलू के साथ जाते हुए देखा गया है। परिवारीजन और पुलिस बबलू के घर पहुंची जहां खून से लथपथ बच्ची तखत के नीचे पड़ी मिल गई। मासूम के शरीर के ऊपरी हिस्से में कोई कपड़ा नहीं था और जींस की चेन खुली हुई थी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। परिवारीजनों ने बबलू पर रेप और हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इस बीच पुलिस ने बबलू को इलाके से ही दबोच लिया। बच्ची के पिता ने बबलू व उसके परिवारीजनों के खिलाफ रेप, हत्या व पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कराया है।

पीड़ित परिवार से मिले मौलाना खालिद रशीद
ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी ने मासूम बच्ची को अगवा कर बलात्कार के बाद हत्या किये जाने की घटना की कड़ी निंदा की। मौलाना ने ऐसी घटना को किसी भी धर्म और समाज के माथे पर कलंक बताया। सोमवार को मौलाना ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और दोषियों को सख्त सजा देने और परिवार को मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने पुलिस की संवेदनशीलता की तारीफ की। इस मौके पर सभासद मुहम्मद अहसन, ऑल इंडिया सुन्नी बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना मुहम्मद मुश्ताक, मौलाना सुफियान और मुहम्मद कलीम खां मौजूद रहे।

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