सरोजनीनगर। सरोजनीनगर बार एसोसिएशन ने बुधवार को तहसील परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहकर नारेबाजी की। धरना दे रहे वकीलों ने आरोप लगाया कि जिलाधिकारी के मौखिक आश्वासन के बावजूद तहसील में एसडीएम (न्यायिक) की नियुक्ति अब तक नहीं की गई है।
अधिवक्ताओं ने कहा कि खतौनी में अंशों के आवंटन के लिए अलग पोर्टल बनाया जाए, तहसील परिसर में शस्त्र लाने पर रोक लगाई जाए और बिना वकालतनामे के कोई वाद दर्ज न किया जाए। कहा कि इसके अलावा पट्टे की असंक्रमणीय जमीन को पांच वर्ष पूरे होने पर भी संक्रमणीय भूमिधर घोषित न किए जाने, दाखिल-खारिज प्रक्रिया में 13 बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगे जाने और न्यायालयों में सुरक्षित आदेश फाइलों का समय पर निस्तारण नहीं किया जा रहा है।
जूनियर अधिवक्ताओं से सुविधा शुल्क लिए जाने पर भी वकीलों ने रोक लगाने की मांग की। साथ ही रहीम नगर पड़ियाना, सकरा, बरकता बाद और मौंदा गांवों की खतौनी शीघ्र फीड कराने, धारा 80 की रिपोर्ट समय पर भेजने तथा मंगलवार को सभी लेखपालों की कॉमन हाल में उपस्थिति सुनिश्चित करने जैसी मांगें रखीं। धरना दे रहे वकीलों ने कहा कि इन सभी विषयों को लेकर पूर्व में कई बार पत्र दिया गया, लेकिन कार्रवाई न होने से अधिवक्ताओं में आक्रोश है। इस मौके पर अधिवक्ताओं ने 15 सूत्री मांग पत्र सरोजनी नगर एसडीएम अंकित शुक्ला को सौंपा। एसडीएम ने समस्याओं के शीघ्र निस्तारण का आश्वासन देकर वकीलों को शांत किया। वकीलों का कहना था कि 10 दिनों के भीतर अगर सारी व्यवस्थाएं सही नहीं हुईं तो आंदोलन किया जाएगा।
धरना देते वकील।
धरना देते वकील।