अधिवक्ता मोनिका ने कहा कि सीएए के विरोध में उपद्रव और हिंसात्मक प्रदर्शन करने वाले कांग्रेस, आप और कम्युनिस्ट पार्टी के हाथों में खेल रहे हैं। ये दल लोगों को निराधार बातें समझाकर उन्हें बरगलाने में जुटे हैं। ये दल शायद इसलिए परेशान हैं क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसलों से उनकी वोट बैंक की राजनीति पूरी तरह असफल होती जा रही है।
उन्होंने कहा पहले की सरकारों ने भी नागरिकता कानून में समय-समय पर संशोधन किया, लेकिन तब उसका विरोध नहीं हुआ। अब वे लोग भी विरोध में उतर आए हैं, जिनकी पार्टी के नेताओं ने सरकार में रहते इस कानून में बदलाव किए। उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. लालता प्रसाद मिश्र ने कहा कि उपद्रव व हिंसा साजिश का हिस्सा है।
संगोष्ठी में प्रांत के सह संघचालक प्रभुनारायण, क्षेत्र प्रचारक अनिल कुमार, प्रांत प्रचारक कौशल, केजीएमयू के कुलपति एमएल भट्ट, अरबी-फारसी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. फारुक मिर्जा, एकेटीयू के कुलपति विनय पाठक, विधायक सुरेश श्रीवास्तव, अपर महाधिवक्ता विनोद शाही, मुख्य स्थायी अधिवक्ता जयकृष्ण सिन्हा, महापौर संयुक्ता भाटिया, अधिवक्ता सूर्यप्रकाश सिंह सहित कई वरिष्ठ वकील, चिकित्सक , शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे।
संगोष्ठी का संचालन मुख्य स्थायी अधिवक्ता श्रीप्रकाश सिंह ने किया। अपर महाधिवक्ता कुलदीपपति त्रिपाठी ने आभार व्यक्त किया।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद (जेएन तिवारी) ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर नागारिकता संशोधन कानून पर राज्य कर्मचारियों का पूरा समर्थन होने का आश्वासन दिया। तिवारी ने आउट सोर्सिंग कर्मचारियों के लिए जारी किए गए आदेश के लिए मुख्यमंत्री को बधाई दी। इसमें जेम पोर्टल के जरिये कर्मचारियों को लेने का फैसला किया गया है।
भारत रक्षा मंच समर्थन में चलाएगा अभियान
भारत रक्षा मंच भी नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में मैदान में उतर आया है। रक्षा मंच सोमवार को प्रदेश भर में जिलाधिकारियों के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन देकर उन्हें यह कानून बनाने के लिए बधाई देगा। संगठन मंत्री आशीष शुक्ल ने बताया कि ज्ञापन के जरिये केंद्र सरकार को आश्वस्त किया जाएगा कि भारत रक्षा मंच देश भर में इस कानून के समर्थन में अभियान चलाएगा।