लखनऊ। जिला कोर्ट परिसर में जमीन के मुकदमे की पैरवी करने पहुंचे भाइयों पर जानलेवा हमला करने के आरोपी अधिवक्ताओं को पुलिस सीसीटीवी फुटेज की मदद से चिह्नित कर रही है। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद आरोपियों की तलाश में दबिश जारी है।
डीसीपी पश्चिम कमलेश दीक्षित ने बताया कि विवेचना के दौरान प्रकाश में आए आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अन्य की पहचान कर उनके खिलाफ इनाम भी घोषित किया जाएगा। अधिवक्ताओं की अराजकता की शिकायतों के लिए जेसीपी कानून-व्यवस्था के दफ्तर में विशेष प्रकोष्ठ गठित किया गया है। प्रभारी दरोगा रामेश्वर तिवारी के पास 150 से अधिक शिकायती पत्र आ चुके हैं। उन्हें लखनऊ के अलावा पूरे प्रदेश से फोन आ रहे हैं।
यह मामला तालाब गगनी शुक्ल निवासी शाकिर पर हुए हमले से जुड़ा है। शाकिर ने अधिवक्ताओं पर कोर्ट परिसर में पिटाई और बंधक बनाकर हत्या के प्रयास का आरोप लगाया है। वजीरगंज पुलिस ने शाकिर और उनके भाई की तहरीर पर 54 लोगों के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की थी। इनमें सौरभ, हर्षित पांडेय, यश पांडेय, अभय प्रताप वर्मा व 50 अज्ञात लोग नामजद हैं। हाईकोर्ट ने चार अधिवक्ताओं के 24 अगस्त तक जिले की किसी भी अदालत परिसर में प्रवेश पर रोक लगाई है। इन वकीलों के खिलाफ आईबी की गोपनीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।