लखनऊ। विभूतिखंड के खरगापुर रेलवे लाइन के पास रविवार रात को हुई मुठभेड़ में कठौता गैंगवार के मुख्य आरोपी गिरधारी को पुलिस ने मार गिराया था। इस मामले में मंगलवार को गिरधारी के वकील ने सीजेएम कोर्ट में याचिका दायर की जिसमें कहा गया कि पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के किसी भी निर्देश का पालन मुठभेड़ के दौरान नहीं किया। उसे कस्टडी रिमांड के दौरान यह आरोप लगाते हुए मारा गया कि वह दरोगा का पिस्तौल छीनकर भाग रहा था। कस्टडी रिमांड के दौरान पुलिस की पूरी कार्रवाई को ही कानूनन गलत बताते हुए गिरधारी के बयान को कार्रवाई में शामिल न करने की मांग की है। इस याचिका पर सीजेएम सुशील कुमारी ने पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर को पत्र भेजा है जिसमें सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच करने व लापरवाही बरतने के मामले में कार्रवाई करने की बात कही है।
गिरधारी के वकील प्रांशु ने मंगलवार को दोपहर में एक याचिका दायर की जिसमें एनकाउंटर पर सवाल खड़े किए। इसके पहले उन्होंने पोस्टमार्टम के दौरान वीडियोग्राफी कराने की बात कही थी जिस पर सीजेएम ने इंस्पेक्टर विभूतिखंड से रिपोर्ट तलब किया था। सीजेएम सुशील कुमारी ने नाराजगी जाहिर करते हुए आदेश किया कि संबंधित थाने से कोई भी पैरोकार उपस्थित नहीं है। न्यायालय के पैरोकार व सेशन के पैरोकार का मोबाइल बंद है। लिपिक द्वारा इंस्पेक्टर विभूतिखंड को कॉल कर याचिका के संबंध में जानकारी दी गई। साथ ही व्हाट्सएप पर प्रार्थना पत्र की प्रति भेजी। इसके बाद भी कोई उपस्थित नहीं हुआ।
नियमानुसार की गई कार्रवाई
इंस्पेक्टर विभूतिखंड ने कोर्ट में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कहा कि जो भी कार्रवाई की गई है, वह नियमों के अधीन रहते हुए की गई है। गिरधारी की रिमांड के दौरान 14 फरवरी को अलकनंदा अपार्टमेंट में मोबाइल बरामद हुआ। जिसे दो गवाहों के सामने पुलिस ने सील किया था। उसकी मौके पर ही फर्द तैयार की गई थी। वहीं 13 व 14 फरवरी को थाना परिसर में गिरधारी के अधिवक्ता व उनके सहयोगी देर रात तक मौजूद रहते थे। 14 फरवरी की रात को भी दो अधिवक्ता रात एक बजे तक थाना परिसर में मौजूद थे। असलहा बरामद करने केलिए वह खरगापुर रेलवे लाइन के पास लेकर गया। वहां उसने दरोगा की पिस्तौल छीनकर भागने की कोशिश की। इस दौरान फायरिंग करने लगा। जवाबी फायरिंग में उसकी मौत हो गई। कोर्ट ने इंस्पेक्टर की रिपोर्ट पर कई सवाल खड़े किए। गिरधारी के वकील प्रांशु ने कहा कि जब कस्टडी रिमांड के दौरान पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया तो ऐसे में उसका बयान कानूनी रूप से मान्य नहीं हैं। उसे पुलिस कार्रवाई में न शामिल करें।
पुलिस कमिश्नर को भेजा पत्र
सीजेएम सुशील कुमारी ने मंगलवार को पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर को पत्र भेजा है जिसमें गिरधारी के वकील के प्रार्थना पत्र का जिक्र किया गया है। कहा कि यह तथ्य प्रस्तुत किया गया कि पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान गिरधारी का एनकाउंटर/हत्या कर दी गई है। पुलिस ने इस दौरान सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों का पालन नहीं किया गया है। उन्होंने साफ कहा कि संबंधित मुकदमें के विवेचक व थाने की तरफ से अभी तक कोर्ट को कोई सूचना नहीं दी गई है। जिसमें कस्टडी रिमांड के दौरान अभियुक्त के एनकाउंटर के संबंध में जानकारी हो। जो भी सूचना दी गई है वह मृतक के वकील के प्रार्थना पत्र पर मांगी गई रिपोर्ट के रूप में दी गई है। उन्होंने कमिश्नरेट पुलिस से तीन दिन के अंदर कार्रवाई के संबंध में रिपोर्ट भी पेश करने को कहा है।