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मम्मी-पापा माफ कर देना: एमिटी यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में फंदे से झूली लॉ की छात्रा, सुसाइड नोट में लिखी ये बात

Fri, 10 Jan 2025 10:40 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

सुसाइड नोट में लिखा- मम्मी-पापा माफ कर देना। फिर एमिटी यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में लॉ की छात्रा ने फांसी लगाकर जान दे दी। आगे पढ़ें क्या है पूरा मामला?
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Anuj Crime - फोटो : istock
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विस्तार
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यूपी की राजधानी लखनऊ में मल्हौर स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में शुक्रवार सुबह बीए एलएलबी द्वितीय वर्ष की छात्रा अक्षिता उपाध्याय (20) ने फंदा लगा लिया। वह मथुरा की रहने वाली थीं। अक्षिता विश्वविद्यालय के हॉस्टल ब्लॉक चार में तीसरे तल पर कमरा नंबर 308-ए में रहती थीं। हॉस्टल के कमरे से एक पेज का सुसाइड नोट मिला है। इसमें उन्होंने मम्मी-पापा से माफी मांगी है और खुद को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है।
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थाना प्रभारी चिनहट भरत पाठक के मुताबिक विवि की चीफ वार्डन प्रज्ञा मिश्रा ने घटना की सूचना दी थी। अक्षिता ने हॉस्टल का कमरा भीतर से बंद कर लिया था। सुबह आठ बजकर 20 मिनट पर उनकी रूम पार्टनर अलीशा खान ने दरवाजा खटखटाया और कई बार आवाज दी। फोन करने पर भी जवाब नहीं मिला तो असिस्टेंट वार्डन दीप्ति मिश्रा को सूचना दी गई। गार्ड को बुलाकर दरवाजा खुलवाया गया तो अक्षिता का शव पंखे से दुपट्टे के सहारे लटका मिला।

पुलिस ने फोरेंसिक टीम की मदद से साक्ष्य संकलन किया। एसीपी विभूतिखंड राधारमण सिंह के मुताबिक हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं से पूछताछ की गई है। छात्रा के घरवालों को घटना की जानकारी दे दी गई है।

पूर्व सभासद हैं मां, रात में फोन पर की थी बात

मथुरा के लक्ष्मीनगर निवासी अक्षिता की मां रश्मि पूर्व सभासद हैं। उन्होंने बताया कि कुछ दिन से बेटी मानसिक तनाव में थी। बृहस्पतिवार रात में करीब दो बजे उससे फोन पर लंबी बात हुई थी। तब उन्होंने कहा था कि वह छुट्टी लेकर कुछ दिन के लिए घर आ जाए। पिता मनाेज उपाध्याय अहमदाबाद में रहते हैं।

आरोप: दो घंटे तक नहीं दी जानकारी

रश्मि का आरोप है कि विवि प्रशासन ने फोन कर बताया कि उनकी बेटी की तबीयत खराब है। पूछने पर कहा गया कि आप लखनऊ आ जाएं। आरोप है कि दो घंटे तक विवि प्रशासन ने उन्हें बेटी की मौत की जानकारी नहीं दी। दबाव बनाने पर घटना के बारे में बताया गया। 
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परिजनों ने पुलिस से अभी कोई शिकायत नहीं की है। उधर, विवि प्रशासन का कहना है कि अक्षिता ने व्यक्तिगत कारणों से आत्महत्या की है। विवि में समय-समय पर मानसिक तनाव से उबरने के लिए कार्यशाला की जाती है। विवि प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ है।

लॉक है मोबाइल फोन, पुलिस खंगालेगी कॉल डिटेल

पुलिस ने अक्षिता का मोबाइल फोन कब्जे में लिया है। फोन लॉक है। ऐसे में उसे खोलने के बाद मैसेज और कॉल डिटेल खंगाली जाएगी। छात्रा की आखिरी बार किससे बात हुई थी। इसके बारे में भी पुलिस पता लगा रही है। पुलिस का कहना है कि अक्षिता की रूम पार्टनर से भी जानकारी ली जाएगी।
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