सवाल : सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कह रहे हैं कि उनकी सरकार में कानून-व्यवस्था को लेकर आप खूब पत्र लिखते थे? अब जो घटनाएं हो रही हैं उस पर राजभवन चुप्पी साधे हुए है?
जवाब : अखिलेश यादव जो कहते हैं उसमें राजनीतिक रंग नजर आता है। इसका उत्तर नहीं दूंगा। उनकी बात का स्पष्टीकरण दूं यह मेरे लिए ठीक नहीं है। हां इतना जरूर है कि कानून-व्यवस्था सुधर रही है। कानून-व्यवस्था के भी दो पहलू हैं। पहला संगठित अपराध जिससे माफिया जुड़े रहते हैं और दूसरा व्यक्तिगत अपराध जो आपसी विवाद के चलते होते हैं। यह भी सरकार के लिए महत्वपूर्ण है लेकिन माफिया पर जिस तरह से नियंत्रण किया गया, वह काफी महत्वपूर्ण है। अखिलेश सरकार भी मेरी थी और मैं कहता था कि कानून-व्यवस्था सुधारने की आवश्यकता है। आज भी यही कहता हूं कि कानून-व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। देख रहा हूं कि सुधारने के प्रयास हो रहे हैं। जहां जरूरत होती है वहां सरकार को इस संबंध में सलाह देता भी हूं।
सवाल : आपको राष्ट्रपति व उपराष्ट्रपति के लिए गंभीर उम्मीदवार माना जा रहा था। ऐसी क्या परिस्थितियां हुईं जो आप दौड़ से बाहर हो गए?
जवाब : ये तो उनसे पूछिए जो मुझे उम्मीदवार मान रहे थे। मैंने इन पदों के लिए कोई दावेदारी नहीं की थी। जो काम कर रहा हूं उसी में खुश और संतुष्ट हूं। जिन लोगों ने मुझे इस पद योग्य समझा उन्हें धन्यवाद देता हूं।
सवाल : सरकार और राजभवन के बीच दूरी पैदा होने की बात चर्चा में है। सीएम के प्रमुख सचिव के खिलाफ सामान्य मेल पर आपने डीओ लेटर लिख दिया? क्या वजह है?
जवाब : मुख्यमंत्री मुझे अभिभावक और मार्गदर्शक मानते हैं। उनसे मेरे काफी अच्छे संबंध हैं। सरकार से भी काफी अच्छा तालमेल है। जहां तक डीओ लेटर लिखने का प्रश्न है तो यह मेरी कार्यपद्धति का हिस्सा है। केवल इसी साल 6,751 लोग मुझसे मिलने आए। कोई समस्या तो कोई सुझाव लेकर आता है और जो पत्र देते हैं उसका निस्तारण करता रहता हूं। कभी राष्ट्रपति तो कभी प्रधानमंत्री को पत्र लिखता रहता हूं। मुख्यमंत्री को ज्यादा लिखता हूं। एक ऐसा पत्र आया था जो मुख्यमंत्री से जुड़ा विषय था। मुख्यमंत्री के साथ उसकी प्रति पत्र लिखने वालों को भी सूचना के लिए भेजता हूं, इसलिए उन्हें भी भेजा। जो शिकायत थी मुख्यमंत्री उसके बारे में विचार कर रहे हैं।
सवाल : उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की अपनी मुहिम को कितना सफल मानते हैं?
जवाब : काफी सफलता मिली है। दीक्षांत समारोह, शैक्षिक कैलेंडर पटरी पर आने के साथ-साथ नकल पर भी रोक लगाने में सफलता मिली है। विश्वविद्यालयों में लंबे समय से शिक्षकों के पद खाली थे। उन्हें भरने की प्रक्रिया शुरू हुई है। पाठ्यक्रम में संशोधन आदि पर भी काम चल रहा है।
सवाल : गोरखपुर विश्वविद्यालय में भर्तियों और कई विश्वविद्यालयों में उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में गड़बड़ियों की शिकायतें आ रही हैं। कहां कमी रह गई?
जवाब : गोरखपुर विश्वविद्यालय के बारे में कोई शिकायत नहीं मिली है। उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का मामला भी सिर्फ वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विवि जौनपुर का ही है। मूल्यांकन को लेकर छात्रों की कुछ शिकायतें थीं जिस पर कुलपति को पुनर्मूल्यांकन के आदेश दिए गए हैं। इसे लेकर वहां के एक प्रोफेसर ने मेरे व डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा के प्रति कुछ अपमानजनक वक्तव्य दिया है। कुलपति से रिपोर्ट मंगवाई है। विधिक परीक्षण चल रहा है। अगर यह सही हुआ तो प्रोफेसर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सवाल : विश्वविद्यालयों के कैंपस अशांति व विवाद के केंद्र बनते जा रहे हैं। लखनऊ से लेकर इलाहाबाद, एएमयू और बीएचयू तक यही स्थिति है। हाईकोर्ट ने भी इसका संज्ञान लिया है। इस स्थिति में सुधार के लिए क्या प्रयास हो रहे हैं?
जवाब : कैंपस में शिक्षा का माहौल होना चाहिए। यह दुर्भाग्य है कि ऐसे में कुछ छात्र संगठन गलत ढंग से व्यवहार करते हैं। बीएचयू, एएमयू, इलाहाबाद विवि, लखनऊ के भीमराव आंबेडकर विवि या लखनऊ विवि में हुई घटनाएं निश्चित तौर पर चिंता का विषय हैं। इसमें सुधार की आवश्यकता है। लखनऊ विवि की घटना का संज्ञान हाईकोर्ट ने लिया है। मामला जब न्यायालय में हो तो राज्यपाल का वक्तव्य देना उचित नहीं है।
सवाल: विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव नहीं हो पा रहे हैं। कई बार कहा भी गया। क्या इस सत्र में चुनाव कराए जाएंगे?
जवाब : कुछ जगहों पर चुनाव हो रहे हैं। ये निर्देश पिछले साल ही दिए जा चुके हैं कि छात्रसंघ चुनाव होने चाहिए। विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में प्रवेश की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद ही छात्रसंघ चुनाव का सवाल आता है।
सवाल : राज्यपाल के तौर पर आपका कार्यकाल एक साल बचा है। अगले एक वर्ष की क्या प्राथमिकताएं होंगी?
जवाब : चार साल में जो काम किया है उसका जब मै सिंहावलोकन करता हूं तो मुझे संतुष्टि होती है। इसी प्रकार काम पांचवें वर्ष में भी करने का संकल्प है मेरा, जिससे यूपी सर्वोत्तम प्रदेश बनाने की स्थिति में पहुंच जाएगा।