राजधानी के 30 हजार पंजीकृत कारोबारियों ने मंगलवार को स्वीकृत कॉमर्शियल
टैक्स नहीं चुकाया तो ब्याज के साथ ही पेनाल्टी भी भरनी होगी।
कारोबारियों
को सलाह है कि टैक्स की रकम बैंक में डिपॉजिट करने के बाद उसके चालान की
प्रतिलिपि वाणिज्य कर सेक्टर में रिसीव कराएं, जिससे रकम को स्टेट बैंक में
ट्रांसफर किया जा सके।
लखनऊ जोन के
असिस्टेंट कमिश्नर (कर निर्धारण) और डिप्टी कमिश्नर (कर निर्धारण) ने बताया
कि 21 तारीख तक 25 फीसदी कारोबारियों ने स्वीकृत कॉमर्शियल टैक्स जमा नहीं
किया है।
जबकि इसके चुकाने के लिये अब सिर्फ एक दिन मंगलवार ही बाकी है।
अधिकारियों ने बताया कि जो कारोबारी 25 मार्च तक टैक्स नहीं चुकाएंगे तो उस
पर 20 प्रतिशत पेनाल्टी के साथ ही ब्याज की अलग से वसूली की जाएगी।
कारोबारियों
को मार्च में हुए कारोबार का टैक्स मार्च में ही भरना होगा।
वैट में
प्रावधान है कि वित्तीय वर्ष के अंतिम महीने यानी मार्च में एक से 20 तारीख
तक का कारोबारी पर्चा कटेगा और उसका टैक्स जमा करना होगा।
वहीं 21 से 31
मार्च तक जो कारोबार होगा उसका टैक्स 20 अप्रैल 2014 तक जमा करने की सुविधा
दी गई है।