चेहरे की सुंदरता में बाधा बन रहे अनचाहे बाल या दाग-धब्बे जो सामान्य उपचार व दवाओं से दूर नहीं होते उन्हें अब लेजर से हटाया जा सकता है। अलग-अलग तरह की लेजर का इस्तेमाल इनके लिए किया जाता है।
भारतीय चर्म रोग विशेषज्ञ संघ के पूर्व अध्यक्ष डॉ. सुरेश तलवार ने ये जानकारी रविवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित लेजर वर्कशॉप में दी।
डॉ. सुरेश तलवार ने बताया कि चेहरे पर अनचाहे बाल व दाग-धब्बों को हटाने के लिए स्थायी इलाज संभव है। अनचाहे बालों को डायोड लेजर से जड़ से ही खत्म कर दिया जाता है जिससे दोबारा बाल उगते ही नहीं हैं। इसी तरह पैदाइशी धब्बे या जिसे लांछन भी कहा जाता है उसे भी अब लेजर से हटाना संभव हो गया है।
इसके लिए मरीज कॉस्मेटिक सर्जरी भी कराते थे। लेकिन क्यू स्विच लेजर से चार से छह बार में ही इन्हें हटाया जा सकता है।
इस लेजर तकनीक से सर्जरी की तरह मरीज को अधिक रक्तस्राव भी नहीं होता और मरीज उसी दिन घर जा सकता है। डॉ. अंकुर तलवार ने बताया कि उम्र के कारण चेहरे पर पड़ने वाली झुर्रियों और त्वचा को दोबारा पुराना स्वरूप देने के लिए लेजर का इस्तेमाल किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस मौके पर यूएसए, इजरायल व जर्मनी के कई चिकित्सक अपने उपकरणों के साथ मौजूद थे। उन्होंने उनका लाइव ट्रीटमेंट भी दिखाया।