उत्तर प्रदेश में आयकर विभाग को नेपाल सीमा से सटे चार जिलों लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, बहराइच और महराजगंज में बड़े पैमाने पर फर्जी और अमान्य पैन नंबरों के जरिये अरबों रुपये की संपत्तियों की खरीद-फरोख्त के पुख्ता प्रमाण मिले हैं। खासकर बहराइच में संपत्तियां खरीदने में फर्जी पैन नंबर का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने के सुराग मिले हैं।
चारों जिलों में करीब 1500 करोड़ रुपये की संपत्तियों की खरीद-फरोख्त के इस मामले की जांच जल्द आयकर विभाग की इंवेस्टिगेशन विंग को सौंपने की तैयारी है। बता दें कि आयकर विभाग की इंटेलिजेंस एवं क्रिमिनल इंवेस्टिगेशन विंग ने चारों जिलों के उप निबंधक कार्यालयों में हुए सर्वे की अंतरिम रिपोर्ट बृहस्पतिवार को मुख्यालय भेज दी।
इसमें सर्वाधिक गड़बड़िया बहराइच में होने का जिक्र है। सूत्रों के मुताबिक बहराइच में बीते दो साल में करीब 2000 संपत्तियों की खरीद-फरोख्त होने की जानकारी मिली है। जिनमें ढेरों रजिस्ट्री में फर्जी पैन नंबर देकर धोखाधड़ी की गई है। इनमें से तमाम संपत्तियों की जानकारी उप निबंधक कार्यालय ने आयकर विभाग को देने की जरूरत ही नहीं समझी, जिससे विभाग को करोड़ों रुपये के टैक्स का नुकसान हुआ है।
रजिस्ट्री का ब्योरा सही तरीके से नहीं भेजा
जांच में यह भी सामने आया कि बहराइच के उप निबंधक कार्यालय ने 2024-25 में संपत्तियों की रजिस्ट्री का ब्योरा सही तरीके से नहीं भेजा। संपत्तियों की जानकारी देने के बजाय उन्हें खरीदने वालों का नाम भेज दिए। इसके बाद विभाग ने सभी सेल डीड तलब कर ली हैं। इनकी जांच में करीब दो माह का समय लग सकता है।