पिछले दिनों हुए चुनाव के बाद मान्यता हासिल करने वाली उत्तरीय
रेलवे मजदूर यूनियन (यूआरएमयू) पहली बार लखनऊ में ललकार रैली आयोजित कर
शक्ति प्रदर्शन करेगी।
पुरानी पेंशन नीति को बहाल करने सहित कई लंबित
मांगों को लेकर 22 अक्तूबर को होने वाली इस रैली में दस हजार से अधिक
कर्मचारियों के हिस्सा लेने की उम्मीद है।
साथ ही नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन
रेलवे (एनएफआईआर) के महामंत्री एम राघ्वैया और बीसी शर्मा भी मौजूद रहेंगे।
एनएफआईआर के सहायक महामंत्री सीपी सिंह ने रविवार को बताया कि पिछले पांच
वर्षों से यूनियन की मान्यता न होने के कारण कर्मचारियों की बहुत सी मांगों
को रेल मंत्रालय ने अनसुना कर दिया।
यूनियन की लार्जस स्कीम में सभी कोटि
के कर्मचारियों को शामिल करना, शैक्षिक योग्यता के आधार पर उन्हें नियुक्ति
देना, ग्रुप डी की भर्ती मंडल रेल प्रशासन के स्तर पर करने और हर हेल्थ
यूनिट में महिला डॉक्टरों की तैनाती सहित कई लंबित मांगों पर विचार नहीं
किया जा रहा है।
कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर राष्ट्रीय आंदोलन की
घोषणा 22 अक्तूबर की लखनऊ में होने वाली ललकार रैली में की जाएगी।