कार्यक्रम का शुभारंभ करते स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह।
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भारत सरकार की स्वच्छ भारत मिशन के तहत अस्पतालों के लिए शुरू किए कायाकल्प अवार्ड 2017-18 में जिला महिला अस्पताल ललितपुर ने बाजी मारते हुए पहला स्थान प्राप्त किया है। इसके अलावा राजधानी लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया संयुक्त अस्पताल को दूसरा और रानी लक्ष्मीबाई संयुक्त चिकित्सालय को तीसरा स्थान मिला है। सभी को स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह और राज्यमंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया। प्रदेश के कुल 37 जिला स्तरीय, 25 सीएचसी और 54 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को विभिन्न श्रेणियों में अवार्ड मिला है।
सिद्धार्थ नाथ सिंह ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कायाकल्प अवार्ड स्कीम में कहा कि पिछले साल की तुलना में अवार्ड ज्यादा है लेकिन जितनी हमारी संख्या है उसके अनुपात में ये कम है। उन्होंने प्रदेश में 174 जिला अस्पताल हैं। उनकी भागीदारी ठीक है लेकिन 830 सीएचसी में से मात्र 189 ही इस सूची में आयी इसे अगले साल दोगुना करना होगा। उन्होंने पीएचसी स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ की हड्डी है। इसे मजबूत नहीं करेंगे तो जो परिवर्तन स्वास्थ्य विभाग में देखना चाहते हैं नहीं होगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अस्पतालों, सीएचसी, पीएचसी में साफ-सफाई को जो बजट दिया जाता है उसमें से 40 फीसदी से अधिक खर्च नहीं होता है। उन्होंने बताया कि पीएम ने आयुष्मान भारत की तैयारियों में उप्र का तीसरा स्थान आने केलिए प्रशंसा की। साथ ही प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का उप्र मॉडल पूरे प्रदेश में लागू करने के लिए कहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने आशा बहुओं के लिए मानदेय दोगुना करने केलिए प्रधानमंत्री को सबकी तरफ से बधाई दी।
डॉक्टर को सम्मान बरकरार रखने के लिए कहा
उन्होंने कहा कि डॉक्टर का बहुत सम्मान और इज्जत है। मुझे आज के कार्यक्रम में लेने आए डॉक्टर ने पैर छुए तो उनसे परिचय पूछा। जब उन्होंने बताया कि डॉक्टर हैं तो उन्हें प्यार से समझाया ऐसा करना छोड़ दीजिए। समाज में आपकी इज्जत है। इसकी वजह से समाज चल रहा है। आप तने रहेंगे तो समाज तना रहेगा।
इनका भी हुआ सम्मान
इस मौके पर सीएचसी श्रेणी में जौनपुर की डोभी को पहला, गोरखपुर की पिपराइच को दूसरा स्थान पाने के लिए सम्मानित किया गया। इसके अलावा नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस के लिए वीरांगना अवंतीबाई महिला चिकित्सालय लखनऊ और जिला महिला अस्पताल गाजियाबाद, जिला अस्पताल इटावा को भी स्वास्थ्य मंत्री ने प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। जिला अस्पताल को क्रमश: 50, 20 और 10 लाख रुपये दिए जाएंगे। सीएचसी को क्रमश: 15 लाख और पीएचसी को दो लाख रुपए दिए जाते हैं।
सभी जिला अस्पतालों की दशा सुधारेंगे
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकारी अस्पतालों की दशा बहुत खराब है। हालत देखते ही मरीज और बीमार हो जाता है। जबकि जब वह प्राइवेट जाता है तो उसका रिसेप्शन से स्वागत शुरू को जाता है। प्रदेश के सभी 174 जिला अस्पतालों का वर्ल्ड बैंक के फंड से नवनिर्माण किया जाएगा। पहले 51 की दशा सुधारी जा रही है। अंदर की स्थिति के साथ ही बाहर के एलीवेशन को भी ठीक करने के लिए कहा गया है।
इलाज के लिए अपने डॉक्टर पर किया भरोसा
उन्होंने कहा कि जब उन्हें हार्ट की दिक्क्त हुई तो इलाज के लिए अपने ही डॉक्टर पर भरोसा किया। मेरा निर्णय था कि उप्र का स्वास्थ्य मंत्री हूं अपने ही डॉक्टर और अपने प्रदेश में ही इलाज कराउंगा। डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट में मुझे तीन स्टंट लगाए गए हैं। दिल्ली में भाजपा की राष्ट्रीय कार्य समिति में भी लोगों ने मुझसे इलाके लिए पूछा तो उन्होंने दिल्ली केलोहिया सहित कई निजी अस्पतालों के बारे में पूछा लेकिन मैंने उन्हेंबताया कि डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट लखनऊ में एंजियोप्लास्टी करायी है। उत्तर प्रदेश के जो डॉक्टर हैं उनकेऊपर से 23 करोड़ जनता का प्रेशर है। वह मेहनत से काम करते हैं स्वास्थ्य मंत्री होकर उन पर भरोसा न करूं तो ये अन्याय होगा।