भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम के तहत पंजीकृत श्रमिकों को 10 रुपये प्रति थाली खाना खिलाया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के तहत लखनऊ से इस योजना को शुरू किया जाएगा।
खाना खिलाने की जिम्मेदारी अक्षय पात्र संस्था को दी जाएगी। इस योजना को सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन 21 नवंबर को या फिर जनेश्वर मिश्र की पुण्यतिथि 22 जनवरी को शुरू की जा सकती है।
राज्य सरकार पंजीकृत श्रमिकों को दोपहर में कम कीमत में खाना देना चाहती है। मिड-डे-मील योजना के तर्ज पर चलाने की तैयारी है।
मुख्य सचिव आलोक रंजन की अध्यक्षता में बुधवार को श्रम विभाग और अक्षय पात्र संस्था के पदाधिकारियों की बैठक हुई। इसमें पहले चरण में लखनऊ के पंजीकृत 7,500 श्रमिकों को खाना देने पर सहमति बनी है।
अक्षय पात्र संस्था जो खाना देगी वह प्रति श्रमिक 25 से 30 रुपये के करीब आएगा। लेकिन मजदूरों से मात्र 10 रुपये लिया जाएगा और शेष रकम श्रम विभाग अक्षय पात्र को देगा।
श्रम विभाग प्रत्येक मजदूरों को दो-दो टिफिन उपलब्ध कराएगा, जिससे वो साफसुथरे टिफिन में खाना खा सकें।