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प्राइमरी में पढ़ने आए नौनिहाल से कराई मजदूरी, वीडियो वायरल हुआ ताे अफसर बोले जांच कराएंगे

Tue, 02 Jul 2019 01:11 AM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला रायबरेली
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किताबों का बंडल लाद के लाते बच्चे - फोटो : amar ujala
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गरीब, मजदूर, किसान वर्ग के माता-पिता अपने नौनिहालों को स्कूल इसलिए भेजते हैं, ताकि पढ़-लिढ़कर उनके बच्चे भी अच्छे नागरिक बन सकें। उन्हें परिवार के दूसरे लोगों की तरह मजदूरी न करनी पड़े, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग इतना संवेदनहीन हो गया है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने के लिए जाने नौनिहालों से मजदूरी कराई जा रही है। 
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सोमवार को इस घटना का वीडियो तक वायरल हो गया, लेकिन अफसरों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। यह मामला ब्लॉक संसाधन केंद्र के भीतर हुआ, फिर भी अफसर आंखें मूंदे रहे।

प्राथमिक विद्यालय शिवगढ़ प्रथम के परिसर में ही ब्लॉक संसाधन केंद्र बना हुआ है जहां जिला मुख्यालय से भेजी गई पाठ्य पुस्तकों का भंडारण किया गया है। यहां से किताबें न्याय पंचायत स्तर पर एनपीआरसी के माध्यम से छोटे चौपहिया वाहनों से भेजी जा रही हैं, ताकि विद्यालय तक किताबें पहुंच सकें। 
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सोमवार को विद्यालय खुला तो दिन में एक वाहन पर किताबों के बंडल लादे जा रहे थे। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि किताबों के बंडलों की ढुलाई परिषदीय विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों से कराई जा रही है। बच्चे किसी कमरे से अपने सर और कंधे पर भारी बंडल रखकर लाते हैं और वाहन पर लादते हैं।

प्राइमरी स्कूल के इंचार्ज हेडमास्टर नीरज वर्मा का कहना है कि उनके विद्यालय के बच्चे बाहर नहीं गए। शायद किसी दूसरे स्कूल के बच्चों को साथ लाकर किताबों के बंडल की ढुलाई करवाई गई होगी। खंड शिक्षा अधिकारी राम ललित वर्मा का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। वह पता कराएंगे कि आखिर किस न्याय पंचायत की किताबें बांटी गई थी, तभी सही जानकारी हो सकेगी।
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बच्चों के हाथ में थमा दिया फावड़ा, कराई साफ-सफाई

ग्रीष्मावकाश के बाद सोमवार को स्कूल खुला तो नौनिहालों को ही साफ-सफाई करनी पड़ी। एक महीने बाद खुले स्कूल में गंदगी दूर करने के लिए अध्यापकों ने बच्चों के हाथों में फावड़ा थमा दिया। मामला ऊंचाहार के प्राथमिक विद्यालय मलकाना का है, जहां 50 बच्चों में से 15 बच्चे ही स्कूल आए थे। जब बच्चे स्कूल पहुंचे तो अध्यापकों ने बच्चों को फावड़ा थमाते घास-कूड़ा आदि साफ करने की जिम्मेदारी सौंप दी।

सुबह 8 बजे से विद्यालय पहुंचे बच्चे पूर्वाह्न 11.30 बजे तक फावड़ा लेकर साफ-सफाई में लगे रहे। मजदूरों की तरह कुछ बच्चे फावड़ा चला रहे थे तो कुछ बच्चे खुरपा लिए थे, जबकि कुछ बच्चे झाड़ू थामे हुए सफाई कर रहे थे।

जांच कराएंगे, दोषी मिले तो जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई
मजदूरों की तरह शिवगढ़ में बच्चों से किताबों के बंडल की ढुलाई कराने और ऊंचाहार में बच्चों से साफ-सफाई कराने के मामले मेरे संज्ञान में नहीं हैं। अपने स्तर पर दोनों ही मामलों की जांच कराएंगे। इस तरह का कृत्य कराने के लिए दोषी पाए गए व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।-पीएन सिंह, बीएसए।
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