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आप नेता कुमार विश्वास ने खुलासा, बताया- कौन होगा पंजाब का मुख्यमंत्री

Sun, 24 Jul 2016 02:04 AM IST
रमाकांत तिवारी/अमर उजाला, सुल्तानपुर
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कुमार विश्वास - फोटो : amar ujala
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आम आदमी पार्टी के नेता व कवि डॉ. कुमार विश्वास शनिवार को सुल्तानपुर जिले में थे। ‘अमर उजाला’ ने देश की मौजूदा सियासी हलचल पर उनसे बातचीत की। उन्होंने सभी मुद्दों पर बड़ी साफगोई से बात रखी। उन्होंने साफ किया कि पंजाब चुनाव में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने पर सीएम वहीं का कोई होगा।
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साथ ही गोवा और गुजरात पर पार्टी के विशेष फोकस की बात कही। यूपी में शीला दीक्षित को निष्प्रभावी करार देते हुए अपने सांसद भगवंत मान की संसद की मान-मर्यादा के दायरे में बचाव की कोशिश की। उनसे बातचीत के प्रमुख अंश-

सवाल: अगर पंजाब चुनाव में आम आदमी पार्टी की सरकार बनती है तो आपका सीएम कौन होगा?

जवाब: पंजाब की भूमि हर लिहाज से उर्वरा है। देश के स्वतंत्रता आंदोलन में जितने लोगों को फांसियां हुई हैं, उनमें 88 सरदार हैं। पंजाब के लोग किसी भी जरूरत के लिए दूसरे प्रदेश का मुंह नहीं देखते। जाहिर तौर पर सीएम कोई पंजाब का ही व्यक्ति बनेगा।
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'गुजरात आम आदमी पार्टी की अगली प्रयोगशाला बनेगा'

- फोटो : amar ujala
सवाल: पंजाब के बाद कौन सा स्टेट चुनाव के लिहाज से आम आदमी पार्टी के एजेंडे में है?

जवाब: पंजाब के बाद आम आदमी पार्टी का अगला पड़ाव गोवा और गुजरात होगा। गुजरात में हमारी पार्टी को बड़ा समर्थन है। मैं खुद दो दिन पहले गुजरात गया था। अरविंद केजरीवाल कल ही लौटे हैं। गुजरात आम आदमी पार्टी की अगली प्रयोगशाला बनेगा।

सवाल: दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित से सियासी संघर्ष का आम आदमी पार्टी को खासा तजुर्बा है। कांग्रेस ने उन्हें यूपी का सीएम  प्रोजेक्ट किया है। वह यूपी की सियासत में कितना सफल हो पाएंगी?

जवाब: कांग्रेस ने प्रशांत किशोर को जब अपना चुनाव प्रबंधन सौंपा था, तब ऐसा लगा  था कि वे कोई नई चिकित्सा पद्धति लेकर आएंगे लेकिन शीला दीक्षित के नाम के खुलासे के बाद यह साफ हो गया कि उनके पास भी दवाइयां पुरानी हैं। ये दवाइयां उपचार में कितनी कारगर होंगी, आने वाला समय ही बताएगा।
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'यूपी में किसी भी राजनीतिक दल के पास कोई मुद्दा नहीं'

- फोटो : amar ujala
सवाल: इन दिनों अपशब्दों और अभद्र टिप्पणियों को लेकर यूपी की सियासत गर्म है। बसपा और भाजपा आमने-सामने हैं। इस तरह की सियासत को आप कितना उचित मानते हैं?

जवाब: दरअसल यूपी में किसी भी राजनीतिक दल के पास कोई मुद्दा नहीं है। भाजपा के एजेंडे से राममंदिर गायब हो चुका है। सपा वंशवाद के पोषण में लगी है। बसपा की राजनीति भी सतही है। जहां तक अभद्र टिप्पणियों की बात है भाजपा के दयाशंकर सिंह की बसपा सुप्रीमो पर की गई टिप्पणी निश्चित ही अशोभनीय और निंदनीय है लेकिन प्रतिक्रिया में भाजपा के पूर्व उपाध्यक्ष के परिवार को दी गई गालियों को भी उचित नहीं ठहराया जा सकता।

सवाल: आप सांसद भगवंत मान पर सदन में शराब पीकर पहुंचने और संसद की वीडियो बनाए जाने को लेकर सवालों के घेरे में हैं। उन पर लग रहे आरोपों से आप कितना इत्तिफाक रखते हैं।

जवाब: संसद भारतीय संविधान की मातृ संस्था है। उसकी मर्यादाओं का सभी को पालन करना चाहिए। भगवंत मान ने इस संबंध में क्षमा मांग ली है। साथ ही आगे से ऐसा नहीं करने की बात कही है। ऐसे में यह बात समाप्त हो जानी चाहिए। स्पीकर महोदया जो भी निर्णय लेंगी, उचित ही होगा।
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