लखनऊ। चौक स्थित श्री कोतवालेश्वर महादेव की भव्य नगर शोभायात्रा सावन के तीसरे सोमवार को पारंपरिक उल्लास के साथ निकाली गई। चांदी की पालकी में सवार महादेव की झलक पाने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालु नाचते-गाते शोभायात्रा के साथ चले और रास्तेभर फूलों की वर्षा कर शिव का अभिनंदन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत शाम चार बजे आरती और ''गॉड ऑफ ऑनर'' के साथ हुई। इसके बाद पालकी में सवार कोतवालेश्वर महादेव नगर भ्रमण पर निकले, जो कोनेश्वर और चरक चौराहा होते हुए मंदिर प्रांगण में संपन्न हुई। शोभायात्रा में हाथी, घोड़े, ऊंट, लिल्ली घोड़ी और झांकियां शिवभक्ति में रमी नजर आईं।
शिव तांडव और बनारस झांकी बनी आकर्षण का केंद्र
शिव रूपधारी कलाकारों ने तांडव कर माहौल को भक्तिमय कर दिया। भस्म लगे तन और दमदार नृत्य ने हर किसी का ध्यान खींचा। पार्वती स्वरूप में महिलाएं और पीले वस्त्रों में सजे श्रद्धालु शोभायात्रा को और भव्यता प्रदान कर रहे थे। ग्यारह फीट ऊंची शिव प्रतिमा और बनारस की झांकी विशेष आकर्षण रहीं। साथ ही मस्ताना झांकी, बग्घियां और ब्रास बैंड ने श्रद्धालुओं को उत्साह से भर दिया।
शिव नाम ही समाधान : जगतगुरु परमहंसाचार्य
कार्यक्रम के समापन पर अयोध्या से पधारे जगतगुरु परमहंसाचार्य ने भक्तों को संबोधित करते हुए कहा, शिव श्रेष्ठ हैं, शिव सुंदर हैं और शिव ही सत्य हैं। उनका नाम जपते ही जीवन के संकट दूर हो जाते हैं। मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल बेबी रानी मौर्य उपस्थित रहीं। उनके अलावा नीरज सिंह, डॉ. महेंद्र सिंह, महंत विशाल गौड़, अजय अग्रवाल, सोनू अग्रवाल, आनंद रस्तोगी, अजय खन्ना, संदीप अग्रवाल, अंकुर दीक्षित, पंकज अग्रवाल सहित अनेक लोग मौजूद रहे।