लालगंज कोतवाली में पुलिस अभिरक्षा में दलित युवक की मौत के मामले में 26 दिन बाद गुरुवार को तत्कालीन कोतवाल, दो सब इंस्पेक्टर समेत कई पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया। एएसपी नित्यानंद राय की जांच के पूरी होने के बाद मृतक की मां की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई। मां का आरोप है कि कई दिन तक कोतवाली में रखकर उसके बेटे की पीट-पीटकर हत्या की गई। केस दर्ज करने के बाद पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
लालगंज कोतवाली क्षेत्र के बैजू का पुरवा मजरे बेहटाकला गांव निवासी मोहित उर्फ मोनू (21) को 26 अगस्त को चोरी के मामले में पुलिस पकड़कर कोतवाली लाई थी। पुलिस अभिरक्षा में 30 अगस्त को मोनू की मौत हो गई थी। मौत के बाद लालगंज में लोगों ने मार्ग जामकर जमकर बवाल किया था। मृतक की मां राजवती ने घटना के समय कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि पुलिस वालों ने बेटे को पीट-पीटकर मार डाला।
उस समय मामला दर्ज नहीं किया गया था। प्रकरण की जांच एएसपी को सौंपी गई थी। साथ ही मामले की मजिस्ट्रेटी जांच भी हो रही है। मामले में तत्कालीन एसपी स्वप्निल ममगाई ने तत्कालीन कोतवाल और दो दरोगाओं को निलंबित कर दिया था। एसपी श्लोक कुमार 26 दिन बाद गुरुवार को मामले में तत्कालीन लालगंज कोतवाल हरिशंकर प्रजापति, सब इंस्पेक्टर अरविंद कुमार मौर्या, सब इंस्पेक्टर जय प्रकाश यादव और अज्ञात पुलिस कर्मियों खिलाफ हत्या व एससीएसटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्जकर मामले की जांच की जा रही है। प्रकरण में उचित कार्रवाई की जाएगी।